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CJP Protest: Wangchuk writes to Union Ministers, urges against action on children; High Court asks—how can the petition be termed a publicity stunt?
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन का आज बुधवार को 33वां दिन रहा। संगठन ने केंद्र सरकार की ओर से बातचीत की पेशकश को ठुकराते हुए स्पष्ट किया कि उसके प्रतिनिधि किसी मंत्री के घर या सरकारी कार्यालय में वार्ता के लिए नहीं जाएंगे। CJP प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि, यदि सरकार वास्तव में बातचीत करना चाहती है, तो वह जंतर-मंतर या उसके आसपास किसी तटस्थ स्थान पर बैठक करे।
इधर, अभिजीत दीपके ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से अपना अनशन समाप्त करने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश को वांगचुक की जरूरत है और पार्टी का शांतिपूर्ण आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह को पत्र लिखकर प्रदर्शन में शामिल बच्चों के खिलाफ किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस संबंध में भरोसा देती है, तो वे अपना अनशन समाप्त करने पर विचार कर सकते हैं।
प्रदर्शन को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। सुरक्षा कारणों से दिल्ली के 16 मेट्रो स्टेशनों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल से सीआरपीएफ की 20 अतिरिक्त कंपनियों को दिल्ली भेजने का आदेश दिया है। गृह मंत्रालय के निर्देश पर करीब 2,000 जवानों को कोलकाता से एयरलिफ्ट कर राजधानी में तैनात किया गया है।
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के एक जवान पर कथित हमले के मामले में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कुछ प्रदर्शनकारी RAF जवान के साथ मारपीट करते, वाहन पर पथराव करते और उसमें तोड़फोड़ करते दिखाई दे रहे हैं। मामले की जांच जारी है।
प्रदर्शनकारियों पर कथित पुलिस कार्रवाई और बर्बरता के आरोपों से जुड़ी याचिकाओं पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करते हुए CCTV फुटेज और अन्य उपलब्ध रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का निर्देश दिया।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने आरोप लगाया कि महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की गई, निजी अंगों पर हमला हुआ, कील लगे डंडों का इस्तेमाल किया गया और कई पुलिसकर्मी बिना पहचान वाले बैज के मौजूद थे। उन्होंने दावा किया कि उनके पास इन आरोपों से जुड़े 110 वीडियो मौजूद हैं।
वहीं, केंद्र और दिल्ली पुलिस की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एस. राजू ने कहा कि भीड़ बेकाबू हो गई थी, कई पुलिसकर्मी घायल हुए और याचिकाओं का उद्देश्य केवल प्रचार हासिल करना है। इस पर चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय की अध्यक्षता वाली पीठ ने टिप्पणी करते हुए पूछा, "आप यह कैसे कह सकते हैं कि यह पब्लिसिटी के लिए दायर याचिका है?"
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने जंतर-मंतर पर हुए घटनाक्रम में हिंसा की निंदा की। संगठन ने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्वों और राजनीतिक मंशा रखने वाले लोगों ने छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन को बाधित करने का प्रयास किया। ABVP ने केंद्र सरकार से प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक समीक्षा कराने तथा समयबद्ध संस्थागत सुधारों की सिफारिश हेतु एक उच्च-स्तरीय समिति गठित करने की मांग की।