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Preparations underway to have Mahadev betting app promoter Saurabh Chandrakar declared a fugitive economic offender
रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टा एप के कथित सरगना सौरभ चंद्राकर पर केंद्रीय जांच एजेंसियों ने कार्रवाई तेज कर दी है। सीबीआई के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी उसके खिलाफ कानूनी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। ईडी ने रायपुर स्थित विशेष अदालत में आवेदन देकर सौरभ को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने और उसकी संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की मांग की है। इसके साथ ही केंद्र सरकार से उसका वानुअतु पासपोर्ट रद्द करने का आग्रह भी किया गया है।सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाए जाने के बाद सीबीआई ने पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया है। दूसरी ओर ईडी ने रवि उप्पल, शुभम सोनी और विकास छपरिया को भारत लाने के लिए प्रत्यर्पण की प्रक्रिया भी तेज कर दी है।
केंद्र सरकार ने वर्ष 2018 में भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम लागू किया था। इसके तहत 100 करोड़ रुपये या इससे अधिक की आर्थिक धोखाधड़ी कर देश से बाहर भागने वाले आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है। विजय माल्या और नीरव मोदी को इसी कानून के तहत भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया था।ईडी के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर के खिलाफ दर्ज मामलों की जांच के दौरान करीब 1,700 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं। जांच एजेंसियों ने भारत के अलावा विदेश में भी उसकी कई संपत्तियों का पता लगाया है।
ईडी के अनुसार, वर्ष 2019 से महादेव ऑनलाइन सट्टा एप के जरिए करीब एक लाख करोड़ रुपये की अवैध कमाई की गई। इस नेटवर्क में क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस और ताश समेत कई खेलों पर सट्टा लगाया जाता था।
सौरभ चंद्राकर को भारत लाए जाने के बाद कांग्रेस ने उसके कथित साझेदार शुभम सोनी की गिरफ्तारी को लेकर भाजपा सरकार से जवाब मांगा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने मंगलवार को पत्रकार वार्ता में सवाल किया कि सौरभ चंद्राकर को रायपुर लाया जा चुका है, लेकिन शुभम सोनी अब तक जांच एजेंसियों की गिरफ्त से बाहर क्यों है।बैज ने आरोप लगाया कि भाजपा ने वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान शुभम सोनी के वीडियो के आधार पर तत्कालीन कांग्रेस सरकार को बदनाम कर राजनीतिक लाभ उठाया था।
दीपक बैज ने दावा किया कि महादेव सट्टा एप के खिलाफ पहली एफआईआर से लेकर कुल 72 एफआईआर दर्ज करने, 500 से अधिक जब्ती और गिरफ्तारियों की कार्रवाई कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुई थी। उन्होंने एप को गूगल प्ले से हटवाने और सौरभ चंद्राकर तथा रवि उप्पल के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी कराने का श्रेय भी तत्कालीन सरकार को दिया।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि राज्य में भाजपा सरकार के तीन साल के कार्यकाल के बावजूद महादेव और दूसरे ऑनलाइन सट्टा एप का संचालन जारी है। उन्होंने दावा किया कि इंटरनेट मीडिया पर इन एप के विज्ञापन प्रसारित हो रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।बैज ने प्रधानमंत्री कार्यालय के कुछ अधिकारियों और अन्य प्रभावशाली लोगों पर सट्टा नेटवर्क को संरक्षण देने के आरोप लगाए। उन्होंने मांग की कि कथावाचक प्रदीप मिश्रा, पीएमओ के अधिकारियों और विकास गर्ग से एक साथ बैठाकर पूछताछ की जानी चाहिए। ये सभी आरोप कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने पत्रकार वार्ता में लगाए हैं।