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रायपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि देश के युवाओं को बड़े सपने देखने चाहिए और अपनी सफलता को समाज एवं राष्ट्र की सेवा से जोड़ना चाहिए। युवाओं को ज्ञान के साथ विनम्रता, महत्वाकांक्षा के साथ नैतिकता और सफलता के साथ सेवा-भाव अपनाना चाहिए। जब युवाओं के व्यक्तिगत प्रयास राष्ट्रीय लक्ष्यों से जुड़ेंगे, तभी विकसित भारत का संकल्प साकार होगा।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु गुरुवार को रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में नुआखाई जुहार के अवसर पर आयोजित सेवा सम्मान पर्व एवं युवा प्रबोधन कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। कार्यक्रम में राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित कई जनप्रतिनिधि, युवा और महिलाएं मौजूद रहे।
अन्न का सम्मान और किसानों के योगदान को स्वीकार करना जरूरी
राष्ट्रपति ने नुआखाई पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी परंपराओं, सामाजिक एकता और आपसी सद्भाव का उत्सव है। यह पर्व कृषि संस्कृति को सहेजने, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और सामुदायिक भावना को मजबूत करने का अवसर देता है।

उन्होंने कहा कि अन्न केवल भूख मिटाने का साधन नहीं है, बल्कि किसानों के परिश्रम, धरती की उदारता और प्रकृति के अनमोल उपहार का प्रतीक है। अन्न का सम्मान करना, किसानों के योगदान को स्वीकार करना और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना सभी का सामूहिक दायित्व है।
महिलाओं की भागीदारी के बिना विकसित भारत का लक्ष्य अधूरा
राष्ट्रपति ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए महिलाओं की समान भागीदारी आवश्यक है। देश की आधी आबादी को आगे बढ़ाए बिना राष्ट्र अपनी पूरी क्षमता के साथ प्रगति नहीं कर सकता।
उन्होंने महिलाओं से देश और समाज के कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। साथ ही युवाओं और पुरुषों से कहा कि वे अपनी बहनों और बेटियों को ऐसा वातावरण और अवसर दें, जहां वे बिना किसी बाधा के अपने सपनों को पूरा कर सकें। महिलाओं के प्रति सम्मान हमारी सोच, व्यवहार और दैनिक आचरण में भी दिखाई देना चाहिए।
जहां कभी आतंक का अंधेरा था, वहां आज विकास का उजियारा
छत्तीसगढ़ में हो रहे बदलावों का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के प्रयासों तथा युवाओं की दृढ़ इच्छाशक्ति से प्रदेश के युवा नक्सलवाद के भटकाव से निकलकर मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जहां कभी आतंक का अंधेरा था, वहां आज विकास का उजियारा फैल रहा है। इस बदलाव से युवाओं और उनके परिवारों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ रहा है। साथ ही छत्तीसगढ़ और पूरे देश के विकास को गति मिल रही है।
राष्ट्रपति का जीवन बेटियों और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत : मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता की ओर से स्वागत और अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का जीवन संघर्ष, सादगी, सेवा, शिक्षा और दृढ़ संकल्प की प्रेरणादायक मिसाल है।

ओडिशा के एक छोटे से गांव से निकलकर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने की उनकी यात्रा देश की बेटियों, युवाओं और जनजातीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए प्रेरणास्रोत है। उनका मार्गदर्शन युवाओं को बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा देता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच सदियों पुराने सामाजिक एवं सांस्कृतिक संबंध हैं। ओड़िया समाज ने अपनी मेहनत, सादगी और सेवाभाव से छत्तीसगढ़ के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। नुआखाई के अवसर पर सेवा सम्मान पर्व और युवा प्रबोधन का आयोजन सांस्कृतिक परंपराओं को समाज सेवा एवं युवा सशक्तीकरण से जोड़ने की पहल है।
युवाओं के लिए शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास पर जोर
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में युवाओं की निर्णायक भूमिका होगी। राज्य सरकार शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास, नवाचार और उद्यमिता के अवसर बढ़ाने पर काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के लिए गीदम, कुनकुरी, जांजगीर-चांपा, मनेन्द्रगढ़ और कवर्धा में पांच नए मेडिकल कॉलेज शुरू किए गए हैं। नवा रायपुर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना की जा रही है, जहां हर साल लगभग चार हजार युवाओं को आधुनिक तकनीक और व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री के अनुसार, छत्तीसगढ़ राज्य एआई मिशन के माध्यम से छह लाख विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य है। वहीं, स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति के तहत युवाओं के नवाचार को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ रुपये का स्टार्टअप फंड बनाया गया है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में फॉरेंसिक यूनिवर्सिटी कैंपस, निफ्ट और नाइलिट जैसे संस्थानों की स्थापना की दिशा में भी पहल की गई है। इसके अलावा, चार वर्ष की सैन्य सेवा पूरी करने वाले छत्तीसगढ़ के अग्निवीरों को पुलिस आरक्षक, वनरक्षक और जेल प्रहरी की सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया गया है।
रक्तदान महाकुंभ में 2,548 लोगों ने किया रक्तदान
कार्यक्रम के दौरान सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित रक्तदान महाकुंभ में 2,548 लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। इनमें 1,188 महिलाएं भी शामिल रहीं।
मुख्यमंत्री साय ने रक्तदाताओं का अभिनंदन करते हुए कहा कि रक्तदान मानवता की महान सेवा है। इतनी बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी छत्तीसगढ़ की सेवा भावना, सामाजिक सहभागिता और नारी शक्ति का उत्कृष्ट उदाहरण है।
वहीं, राज्यपाल रमेन डेका ने नुआखाई को नई फसल के स्वागत, धरती माता के प्रति कृतज्ञता और किसानों के परिश्रम के सम्मान का पर्व बताया। उन्होंने युवाओं से नशे और भटकाव से दूर रहकर ज्ञान, कौशल, नवाचार और सेवा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक पुरंदर मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।