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CG News: Property tax collection in Gram Panchayats to go digital; monitoring to be conducted via the Samarth Panchayat portal and Gram Sampada app.
रायपुर। छत्तीसगढ़ में ग्राम पंचायतों की आय बढ़ाने और संपत्ति कर वसूली की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए अब डिजिटल व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है। पंचायतों में कर योग्य संपत्तियों की पहचान से लेकर करदाता की जानकारी दर्ज करने, संपत्ति को उसके स्वामी से लिंक करने और संपत्ति कर की मांग तैयार करने तक की पूरी प्रक्रिया को समर्थ पंचायत पोर्टल और ग्राम संपदा ऐप पर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। पंचायत स्तर पर की जा रही कार्रवाई की ऑनलाइन मॉनिटरिंग भी की जा रही है।
ग्राम पंचायत क्षेत्रों में मौजूद कर योग्य संपत्तियों की पहचान कर उनका व्यवस्थित रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। इसके तहत प्रत्येक संपत्ति की पहचान, उसके स्वामित्व और उससे संबंधित जरूरी जानकारियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज किया जाएगा।
अधिकारियों ने पंचायत सचिवों को निर्देश दिए हैं कि समर्थ पंचायत पोर्टल और ग्राम संपदा ऐप पर आवश्यक जानकारी की शत-प्रतिशत एंट्री सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही संपत्ति को संबंधित स्वामी से लिंक करने और उस पर देय संपत्ति कर की मांग तैयार करने की प्रक्रिया भी पूरी करने को कहा गया है।
ग्राम संपदा ऐप के माध्यम से ग्राम पंचायत क्षेत्र की संपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने के बाद पंचायतों के पास उपलब्ध कर योग्य संपत्तियों और उनसे मिलने वाले राजस्व की स्थिति ऑनलाइन देखी जा सकेगी।
इस डिजिटल व्यवस्था से अधिकारियों को यह मॉनिटर करने में आसानी होगी कि किस पंचायत में कितनी कर योग्य संपत्तियां दर्ज हैं, कितने करदाताओं की जानकारी अपडेट की गई है और संपत्ति कर की वसूली की स्थिति क्या है।
ग्राम पंचायतों की स्वयं की आय बढ़ाने के लिए संपत्ति कर सहित अन्य स्थानीय करों की वसूली पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि संपत्तियों का डिजिटल और व्यवस्थित रिकॉर्ड उपलब्ध होने से कर निर्धारण में पारदर्शिता आएगी और वसूली की प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी।
इससे पंचायतों को अपनी आय बढ़ाने में मदद मिलेगी और स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों के लिए उपलब्ध संसाधनों में भी वृद्धि हो सकती है।
इसी अभियान के तहत जनपद पंचायत भरतपुर ने ग्राम पंचायतों के सचिवों को संपत्ति कर से जुड़ी कार्रवाई जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं। जनपद पंचायत की ओर से 1 जुलाई को सभी ग्राम पंचायत सचिवों को अंतिम स्मरण पत्र जारी किया गया।
पत्र में निर्देश दिया गया है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए समर्थ पंचायत पोर्टल और ग्राम संपदा ऐप पर संपत्ति कर से संबंधित कार्रवाई शत-प्रतिशत पूरी की जाए। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद अधिकांश ग्राम पंचायतों में यह कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ है।
जनपद पंचायत भरतपुर ने कर योग्य परिवारों से 1200 रुपये वार्षिक यानी 100 रुपये प्रतिमाह भवन-मकान कर वसूलने के निर्देश दिए हैं। पंचायत सचिवों को कर योग्य परिवारों की पहचान कर निर्धारित कर की मांग तैयार करने और वसूली की कार्रवाई पूरी करने को कहा गया है।
संपत्ति कर की जानकारी को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज करने के साथ ही वसूली की स्थिति भी ऑनलाइन अपडेट करने पर जोर दिया जा रहा है।
जनपद पंचायत भरतपुर ने पंचायत सचिवों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित समय-सीमा में संपत्ति कर से संबंधित कार्रवाई पूरी नहीं करने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
निर्देशों के अनुसार लापरवाही बरतने वाले सचिव का वेतन आहरण रोका जा सकता है और अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है। जिला पंचायत सीईओ, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर की ओर से भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
संपत्ति कर व्यवस्था को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने का उद्देश्य पंचायतों में उपलब्ध कर योग्य संपत्तियों का पूरा डेटाबेस तैयार करना और कर वसूली को अधिक पारदर्शी बनाना है। डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने के बाद पंचायत स्तर पर संपत्ति, स्वामी, कर निर्धारण और वसूली से संबंधित जानकारी को ऑनलाइन ट्रैक किया जा सकेगा।