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Putin's bold claim: BRICS has emerged as a new global economic power; openly praises India's independent policy.
नई दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि वैश्विक आर्थिक शक्ति का संतुलन तेजी से बदल रहा है और अब ब्रिक्स समूह आर्थिक क्षमता के मामले में जी-7 देशों से आगे निकल चुका है। उन्होंने भारत की स्वतंत्र विदेश नीति की सराहना करते हुए कहा कि भारत उन देशों में शामिल है जो अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर फैसले लेते हैं, न कि किसी बाहरी दबाव में।
ब्रिक्स की ताकत बढ़ी, जी-7 का प्रभाव घटा
BRICS देशों की बढ़ती आर्थिक ताकत का जिक्र करते हुए पुतिन ने कहा कि क्रय शक्ति समानता (पीपीपी) के आधार पर वैश्विक अर्थव्यवस्था में ब्रिक्स की हिस्सेदारी अब करीब 40 प्रतिशत हो चुकी है। वहीं G7 देशों की हिस्सेदारी 29 प्रतिशत से नीचे आ गई है।
उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में यह अंतर और बढ़ सकता है, क्योंकि उभरती अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों की विकास दर विकसित पश्चिमी देशों की तुलना में कहीं अधिक है।
भारत की विदेश नीति को बताया संतुलित और स्वतंत्र
सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम में बोलते हुए पुतिन ने भारत की विदेश नीति की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा स्वतंत्र रुख अपनाया है और किसी भी वैश्विक मुद्दे पर अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता दी है।
पुतिन ने भारत की सूचना प्रौद्योगिकी और सॉफ्टवेयर क्षेत्र में बढ़ती वैश्विक भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया।
भारत को सुखोई-57 लड़ाकू विमान बनाने का प्रस्ताव
रूसी राष्ट्रपति ने भारत के साथ रक्षा सहयोग को और मजबूत करने की इच्छा जताते हुए पांचवीं पीढ़ी के सुखोई-57 लड़ाकू विमान के संयुक्त उत्पादन का प्रस्ताव दिया। उन्होंने कहा कि यह सौदा किसी प्रकार की शर्त या प्रतिबंध के बिना किया जा सकता है।
रूस का मानना है कि रक्षा, ऊर्जा, निवेश, तेल-गैस और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाकर दोनों देशों के बीच व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाया जा सकता है।
भारत के विमानन बाजार पर भी रूस की नजर
रूस केवल रक्षा क्षेत्र तक सीमित नहीं रहना चाहता। रूसी विमान निर्माता कंपनियां भारत के तेजी से बढ़ते विमानन बाजार में भी अवसर तलाश रही हैं।
रूस की यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन के अधिकारियों के अनुसार भारत ने एसजे-100 जेट और आईएल-114-300 टर्बोप्रॉप विमानों में रुचि दिखाई है। अनुमान है कि भविष्य में करीब 200 विमानों की मांग पैदा हो सकती है। इस दिशा में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के साथ भी सहयोग की संभावनाएं तलाश की जा रही हैं।
यूक्रेन युद्ध पर भी दिया बड़ा बयान
पुतिन ने यूक्रेन संघर्ष को लेकर भी संकेत दिए कि समाधान की दिशा में बातचीत संभव है। उन्होंने कहा कि रूस अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा सुझाए गए शांति प्रस्ताव पर चर्चा के लिए तैयार है।
हालांकि उन्होंने पहले युद्धविराम की शर्त रखी है। पुतिन ने फिलहाल इस शर्त को स्वीकार नहीं किया है।
क्यों महत्वपूर्ण है ब्रिक्स बनाम जी-7 की बहस?
कभी दुनिया की आर्थिक दिशा तय करने वाला जी-7 समूह आज भी नॉमिनल जीडीपी के आधार पर आगे है, लेकिन पीपीपी के पैमाने पर ब्रिक्स ने बढ़त बना ली है।
ब्रिक्स समूह में दुनिया की लगभग आधी आबादी रहती है, जबकि जी-7 देशों में वैश्विक आबादी का केवल करीब 10 प्रतिशत हिस्सा है। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और चीन जैसी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की तेज वृद्धि ने ब्रिक्स को वैश्विक मंच पर अधिक प्रभावशाली बना दिया है।
बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच भारत की भूमिका अहम
पुतिन के बयान ऐसे समय में आए हैं जब दुनिया बहुध्रुवीय व्यवस्था की ओर बढ़ रही है। रूस का मानना है कि भारत आने वाले वर्षों में वैश्विक अर्थव्यवस्था, तकनीक, रक्षा और कूटनीति के क्षेत्र में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। यही वजह है कि मॉस्को भारत के साथ अपने रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को और गहरा करने की कोशिश कर रहा है।