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Questions raised regarding everything from recruitment to hostels... Administration faces the challenge of finding a solution amidst ongoing protests.
कवर्धा। पुलिस आरक्षक के रिक्त पदों पर भर्ती और चयन सूची जारी करने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार जारी है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे अभ्यर्थी तेज बारिश के बावजूद उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के कार्यालय के सामने डटे हुए हैं।अभ्यर्थियों की मुख्य मांग आरक्षक के करीब 1,600 रिक्त पदों को भरने और भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी चयन सूची जल्द जारी करने की है। उनका कहना है कि वे लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया के परिणाम और रिक्त पदों को लेकर स्पष्ट निर्णय का इंतजार कर रहे हैं।
आंदोलन के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और अभ्यर्थियों से काफी देर तक बातचीत की। तीसरे दिन करीब आधे घंटे से अधिक समय तक चर्चा हुई, लेकिन कोई ठोस फैसला सामने नहीं आया।इसके बाद चौथे दिन शाम को भी अभ्यर्थियों ने उपमुख्यमंत्री को रोककर अपनी मांगें दोहराईं। उन्होंने रिक्त पदों पर भर्ती करने और चयन सूची तत्काल जारी करने की मांग रखी। बातचीत के बाद भी अंतिम निर्णय नहीं हो सका।
चयन सूची जारी नहीं होने से नाराज कुछ अभ्यर्थियों ने आंदोलन के दौरान सिर मुंडवाकर अपना विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और अभ्यर्थियों की मांगों का समर्थन किया।उपमुख्यमंत्री के वापस जाने के बाद भी प्रदर्शनकारी बारिश के बीच कार्यालय के सामने बैठे रहे। उनका कहना है कि जब तक भर्ती प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट निर्णय नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन जारी रह सकता है।
बलरामपुर जिले में भी सोमवार को छात्राओं का प्रदर्शन देखने को मिला। रामानुजनगर क्षेत्र के भुवनेश्वरपुर प्री-मैट्रिक बालिका छात्रावास की छात्राओं ने भोजन, पेयजल, पंखे और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं की समस्या को लेकर रामानुजनगर-सूरजपुर मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया।छात्राओं ने छात्रावास की अधीक्षिका को हटाने की मांग भी रखी। उनका आरोप था कि निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं दिया जाता और सब्जी भी पर्याप्त मात्रा में नहीं मिलती। इसके अलावा पेयजल, बिजली और पंखों की व्यवस्था भी ठीक नहीं होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है।
छात्राओं के प्रदर्शन की जानकारी मिलने और वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ। तहसीलदार एमएच राठिया मौके पर पहुंचे और छात्राओं से बातचीत की।अधिकारियों ने दो दिन के भीतर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। साथ ही अधीक्षिका को हटाने की बात भी कही गई। इसके बाद छात्राओं ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया।दोनों घटनाओं में अलग-अलग मांगें सामने आई हैं, लेकिन दोनों जगह प्रदर्शनकारियों की शिकायतों का केंद्र प्रशासन से ठोस कार्रवाई और समयबद्ध समाधान की मांग रही।