

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Rahul Gandhi to march to the Supreme Court over allegations of vote theft and demands for the CEC's resignation.
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इस मार्च में विपक्षी दलों, सिविल सोसाइटी संगठनों और युवाओं के साथ लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले लोग शामिल होंगे। मार्च के जरिए भारत के प्रधान न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपकर कथित वोट चोरी रोकने, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर पर रोक लगाने की मांग की जाएगी।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर कहा कि देश के युवाओं ने रविवार को दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया था। उनके मुताबिक, प्रदर्शनकारियों के मन में नफरत या गुस्सा नहीं, बल्कि प्रेम की भावना थी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान युवाओं के साथ पुलिसकर्मियों और भाजपा से जुड़े लोगों ने मारपीट की।कांग्रेस नेता ने कहा कि सोमवार को प्रस्तावित मार्च में पार्टी, लिंग, जाति, समुदाय और राज्य की सीमाओं से ऊपर उठकर लोग भारतीय नागरिक के तौर पर शामिल होंगे। उन्होंने इसे संविधान और लोकतंत्र के पक्ष में एकजुटता प्रदर्शित करने का प्रयास बताया।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि वे देश की आवाज को दबाने में सफल नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि विपक्ष और लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले लोग डरने वाले नहीं हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बेंगलुरु में केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति बन रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विरोध प्रदर्शनों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल कर रही है और युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।
इस बीच, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष आदिश सी. अग्रवाल ने राहुल गांधी से 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट की ओर प्रस्तावित मार्च रद्द करने की अपील की। ऐसे में प्रस्तावित मार्च को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस ने इसे मतदाता अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़ा मुद्दा बताया है, जबकि मार्च को रद्द करने की अपील भी सामने आई है।