

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Raipur's crackdown on drunk driving has seen a sharp crackdown on the streets every weekend.
रायपुर। राजधानी रायपुर में नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस ने सख्त रुख अपना लिया है। साल 2026 में अब तक 2,456 मामलों में कार्रवाई हो चुकी है, जो यह संकेत देता है कि नियम तोड़ने वालों के लिए अब कोई ढील नहीं है।
वीकेंड पर खास अभियान, रात 10 से 2 बजे तक चेकिंग
हर शनिवार और रविवार को शहर के प्रमुख चौक चौराहों पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। रात 10 बजे से लेकर देर रात 2 बजे तक बैरिकेड लगाकर वाहनों की जांच की जाती है। ब्रेथ एनालाइजर के जरिए ड्राइवर की जांच होती है और शराब के नशे में पाए जाने पर तुरंत चालान किया जाता है।
एक रात में 151 चालान, कई वाहन जब्त
हाल ही में शनिवार रात तेलीबांधा क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई देखने को मिली, जहां एक ही रात में 151 लोगों के खिलाफ चालान काटे गए। इसके साथ ही कई वाहनों को जब्त भी किया गया, जिससे सख्ती का साफ संदेश गया।
जुर्माने से 2.45 करोड़ की वसूली
अधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष अब तक 2.45 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला जा चुका है। लगातार बढ़ती कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन अब महंगा साबित हो रहा है।
हादसे रोकने के लिए सख्ती जरूरी
पुलिस का कहना है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है। नशे में ड्राइविंग के कारण होने वाले हादसों को रोकने के लिए यह कदम बेहद जरूरी है और आगे भी इसी तरह अभियान जारी रहेगा।
10 साल का आंकड़ा बताता है बढ़ती सख्ती
पिछले एक दशक में कुल 8,275 मामलों में कार्रवाई की गई है।
- 2024 में सबसे ज्यादा 1,951 केस दर्ज हुए
- 2025 में 1,537 मामले सामने आए
- 2023 में 700, 2022 में 328 और 2021 में 200 केस दर्ज हुए
- 2020 में सबसे कम 179 मामले दर्ज किए गए
- 2018 और 2019 में 1,037-1,037 केस सामने आए
ये आंकड़े साफ दिखाते हैं कि समय के साथ सख्ती लगातार बढ़ी है।
सख्ती के साथ जागरूकता भी जरूरी
विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ चालान काटने से ही नहीं, बल्कि लोगों में जागरूकता लाने से भी सड़क हादसों में कमी लाई जा सकती है। नियमों का पालन और जिम्मेदार ड्राइविंग ही सुरक्षित सड़कों की कुंजी है।