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CG News: Rakhad Dam collapses again in Korba, second incident in 15 days raises big questions
कोरबा। कोरबा जिले में राखड़ डैम एक बार फिर हादसे की वजह बन गया। महज 15 दिन के भीतर दूसरी बार डैम के क्षतिग्रस्त होने से बड़ा हादसा हो गया, जिसमें जेसीबी ऑपरेटर की मौके पर ही जान चली गई। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ट्रैक्टर निकालने की कोशिश बनी जानलेवा
घटना रविवार दोपहर करीब 12 बजे की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, ग्राम झाबू स्थित राखड़ डैम के तटबंध पर मिट्टी का काम चल रहा था। इसी दौरान एक ट्रैक्टर वहां फंस गया। उसे बाहर निकालने के लिए 21 वर्षीय जेसीबी ऑपरेटर हुलेश्वर मौके पर पहुंचा और प्रयास करने लगा।
अचानक धंसा तटबंध, नहीं मिला संभलने का मौका
काम के दौरान अचानक डैम का एक हिस्सा धंस गया और भारी मलबा जेसीबी ऑपरेटर पर आ गिरा। मलबे में दबने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पास में काम कर रहे अन्य मजदूरों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
राखड़ फैलने से पर्यावरण पर भी असर
डैम टूटने के बाद बड़ी मात्रा में राखड़ फैल गई, जिससे आसपास के पानी के स्रोतों के प्रदूषित होने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने इसे गंभीर पर्यावरणीय खतरा बताया है।
ग्रामीणों में आक्रोश, काम कराया बंद
घटना के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया। नाराज ग्रामीणों ने काम बंद करवा दिया और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। लोगों का कहना है कि लगातार हादसों के बावजूद सुरक्षा को नजरअंदाज किया जा रहा है।
पहले भी हो चुका हादसा, फिर क्यों नहीं सुधरी व्यवस्था
स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह पहली घटना नहीं है। पिछले 15 दिनों में यह दूसरी बार है जब डैम क्षतिग्रस्त हुआ है। इससे पहले भी इसी बांध में दरार और टूटने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन ठोस सुधार नहीं किए गए।
जांच के आदेश, जिम्मेदारों पर गिरेगी गाज
विद्युत उत्पादन कंपनी के अधिकारियों ने मामले की जांच का भरोसा दिया है। साथ ही, पहले हुई घटना के बाद कुछ अधिकारियों पर कार्रवाई भी की गई थी। अब इस ताजा हादसे के बाद एक बार फिर जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
सुरक्षा बनाम लापरवाही, जवाब मांगता हादसा
यह घटना साफ संकेत देती है कि औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों को लेकर अब भी गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसे हादसे आगे भी दोहराए जा सकते हैं।