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Ram Mandir donation theft case: Champat Rai questioned for 3 hours; statement recorded on several key questions.
अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच तेज हो गई है। जांच टीम ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय से करीब तीन घंटे तक विस्तृत पूछताछ की। इस दौरान पुलिस ने चढ़ावे के प्रबंधन, प्रशासनिक प्रक्रियाओं, कर्मचारियों की नियुक्ति, जवाबदेही और शिकायतों के निस्तारण से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे। पूछताछ के बाद उनका आधिकारिक बयान भी दर्ज किया गया।जांच एजेंसियां अब चंपत राय के बयान का मिलान अन्य गवाहों के बयान और उपलब्ध दस्तावेजों से करेंगी। सूत्रों के अनुसार कुछ सवालों पर उनके जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए हैं। जरूरत पड़ने पर उन्हें दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।
पूछताछ के दौरान चंपत राय ने खुद को पूरे मामले से अलग बताते हुए कहा कि चढ़ावा चोरी में उनकी कोई भूमिका नहीं है। उनका कहना था कि घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने तत्काल कार्रवाई शुरू कराई, संदिग्धों की पहचान करवाई और एफआईआर दर्ज कराने में भी सक्रिय भूमिका निभाई।हालांकि उन्होंने यह स्वीकार किया कि चढ़ावे की सुरक्षा और व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी प्रशासनिक स्तर पर उनकी भी थी। उन्होंने कहा कि आरोपी टिन्नू यादव लंबे समय से ट्रस्ट से जुड़ा हुआ था और उससे इस तरह की हरकत की उम्मीद नहीं थी।
जांच के दौरान पुलिस ने कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी सवाल किए। रिश्तेदारों या परिचितों को नौकरी दिए जाने के संबंध में पूछे जाने पर चंपत राय ने कहा कि जरूरतमंद लोगों को अवसर दिया गया था और यह निर्णय किसी एक व्यक्ति का नहीं था। उन्होंने बताया कि नियुक्तियों की प्रक्रिया में ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारियों की भी भूमिका रही, जिनमें अनिल और गोपाल राव के नाम भी शामिल हैं।
मामले की जांच के तहत पुलिस टीम अयोध्या धाम स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा भी पहुंची। यहां शाखा प्रबंधक से करीब दो घंटे तक पूछताछ की गई और मंदिर से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड व दस्तावेज जुटाए गए। इसके अलावा आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से नियुक्त कर्मचारियों की जानकारी भी मांगी गई।जांच में बैंक कर्मी गगनदीप और रत्नेश की भूमिका भी सामने आने के बाद उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार जल्द ही दोनों के नाम एफआईआर में जोड़े जा सकते हैं।
जांच एजेंसियों ने विभिन्न बैंकों से आरोपियों के बैंक खातों का पूरा रिकॉर्ड मांगा है। पुलिस ने पिछले पांच वर्षों के बैंक स्टेटमेंट और लेनदेन का विवरण तलब किया है, ताकि आर्थिक गतिविधियों की विस्तृत जांच की जा सके।
इस बीच चढ़ावा चोरी मामले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है। शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ता को निर्देश दिया कि याचिका की प्रति रजिस्ट्री में जमा कराई जाए। इसके बाद मामले पर नियमानुसार विचार किया जाएगा।