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Record success in JEE Advanced 2026! For the first time in 9 years, over 31% of students qualified.
नई दिल्ली। जेईई एडवांस्ड 2026 के नतीजों ने कई नए रिकॉर्ड बना दिए हैं। इस साल परीक्षा में शामिल छात्रों में से 31.65 प्रतिशत अभ्यर्थी क्वालिफाई करने में सफल रहे हैं, जो पिछले नौ वर्षों में सबसे अधिक सफलता दर है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा पास करना सिर्फ पहला पड़ाव है, असली मुकाबला अब आईआईटी की सीमित सीटों के लिए होगा।
56 हजार से ज्यादा छात्रों ने पार की कटऑफ
इस वर्ष जेईई एडवांस्ड में 1,79,694 छात्रों ने दोनों पेपर दिए थे। इनमें से 56,880 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए। सफलता प्रतिशत 31.65 रहा, जो पिछले साल के 30.14 प्रतिशत से भी अधिक है।वर्ष 2018 में यह आंकड़ा सिर्फ 20.62 प्रतिशत था। बीते नौ साल में केवल 2025 और 2026 ऐसे वर्ष रहे हैं, जब 30 प्रतिशत से अधिक छात्र क्वालिफाई कर सके।
क्वालिफाई करने के बाद भी IIT सीट की गारंटी नहीं
जेईई एडवांस्ड पास करने वाले सभी छात्रों को आईआईटी में प्रवेश नहीं मिल पाएगा। देश के 23 आईआईटी में कुल 18 हजार से कुछ अधिक सीटें उपलब्ध हैं, जबकि सफल छात्रों की संख्या 56 हजार से ज्यादा है।यानी एक सीट के लिए औसतन तीन से अधिक सफल अभ्यर्थियों के बीच प्रतिस्पर्धा होगी। अंतिम प्रवेश रैंक, श्रेणी और जोसा काउंसलिंग के आधार पर तय होगा।
शुभम बने टॉपर, लगातार तीसरे साल दिल्ली जोन का दबदबा
इस वर्ष बिहार के शुभम कुमार ने ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल की। उन्होंने 360 में से 330 अंक प्राप्त किए। खास बात यह है कि लगातार तीसरे साल आईआईटी दिल्ली जोन के छात्र ने देश में पहला स्थान हासिल किया है।दूसरे स्थान पर कबीर छिल्लर रहे, जिन्हें 329 अंक मिले। दोनों छात्र कोटा में एक ही हॉस्टल में रहकर तैयारी कर रहे थे।
दोस्ती की मिसाल भी बनी सफलता की कहानी
रैंक-2 हासिल करने वाले कबीर ने कहा कि उन्हें पहले स्थान से चूकने का दुख नहीं है, क्योंकि शुभम उनके करीबी दोस्त हैं और उन्होंने उनकी मेहनत को करीब से देखा है।दोनों छात्र पढ़ाई के साथ टेबल टेनिस खेलकर तनाव कम करते थे। शुभम का मानना है कि 16 घंटे पढ़ने से ज्यादा जरूरी है रोजाना 6 घंटे गुणवत्ता वाली पढ़ाई करना।
कटऑफ में बड़ी बढ़ोतरी
इस बार कॉमन रैंक लिस्ट की कटऑफ 25.56 प्रतिशत रही, जो पिछले साल के 20.56 प्रतिशत से करीब 5 प्रतिशत अधिक है।अनारक्षित वर्ग के छात्रों के लिए न्यूनतम 92 अंक जरूरी थे। ओबीसी वर्ग के लिए यह सीमा 82 अंक और एससी-एसटी वर्ग के लिए 46 अंक तय की गई।
लड़कियों ने बनाया नया रिकॉर्ड
जेईई एडवांस्ड 2026 में लड़कियों का प्रदर्शन भी उल्लेखनीय रहा। इस बार 10,107 छात्राएं सफल हुईं, जो पहली बार 10 हजार के आंकड़े को पार कर गई है।लड़कियों में सबसे बेहतर प्रदर्शन आरोही देशपांडे का रहा। उन्होंने कॉमन रैंक लिस्ट में 77वीं रैंक हासिल की।वर्ष 2016 में केवल 4,570 छात्राएं सफल हुई थीं। दस साल में यह संख्या दोगुने से भी अधिक हो गई है।
हर चौथा सफल छात्र मद्रास-हैदराबाद जोन से
जोनवार परिणामों में आईआईटी मद्रास-हैदराबाद क्षेत्र का दबदबा कायम रहा। इस जोन से 14,294 छात्र सफल हुए, यानी कुल सफल अभ्यर्थियों में लगभग हर चौथा छात्र इसी क्षेत्र से है।
IIT सीटें बढ़ीं, फिर भी मुकाबला कड़ा
आईआईटी में सीटों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2016 में जहां कुल 10,576 सीटें थीं, वहीं 2025 तक यह संख्या बढ़कर 18,160 हो गई। इस साल की अंतिम सीट मैट्रिक्स जोसा काउंसलिंग कार्यक्रम के बाद जारी होगी।आईआईटी, एनआईटी, ट्रिपल आईआईटी और अन्य सरकारी तकनीकी संस्थानों को मिलाकर देशभर में कुल 62,853 सीटें उपलब्ध हैं।
JEE Advanced 2026 ने दिया बड़ा संदेश
इस साल के नतीजे बताते हैं कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता का दायरा बढ़ रहा है, लेकिन शीर्ष संस्थानों में प्रवेश के लिए प्रतिस्पर्धा पहले की तरह बेहद कठिन बनी हुई है। ऐसे में अब सभी सफल अभ्यर्थियों की नजर जोसा काउंसलिंग और पसंदीदा संस्थान में सीट हासिल करने पर टिकी है।