

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Relief for rail passengers during the festive season... additional AC-3 coach for the Shalimar-LTT Express, special trains to Dongargarh for Navratri, and intensified ticket-checking drives.
रायपुर। त्योहारी सीजन में ट्रेनों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और टिकट व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। शालीमार-एलटीटी एक्सप्रेस में अस्थायी रूप से अतिरिक्त एसी-3 कोच लगाए जाएंगे। वहीं, नवरात्रि मेले के दौरान डोंगरगढ़ जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए मेमू और पूजा स्पेशल ट्रेनों की व्यवस्था की गई है। दूसरी ओर, अक्टूबर में रेलवे ने टिकट जांच अभियान भी तेज करने का निर्णय लिया है। इसके तहत रियायती किराए, विशेष आरक्षण कोटे और रेलवे पास पर यात्रा करने वाले यात्रियों के दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
त्योहारों के दौरान लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे ने शालीमार-एलटीटी-शालीमार एक्सप्रेस में एक अतिरिक्त एसी-3 कोच लगाने का फैसला किया है। इससे एसी श्रेणी में बर्थ की उपलब्धता बढ़ेगी और यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना बेहतर होगी।दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से होकर गुजरने वाली शालीमार-एलटीटी एक्सप्रेस में 10, 11, 13, 14, 15 और 16 अक्टूबर को अतिरिक्त एसी-3 कोच लगाया जाएगा। वापसी दिशा में एलटीटी-शालीमार एक्सप्रेस में 12, 13, 15, 16, 17 और 18 अक्टूबर को यह सुविधा उपलब्ध रहेगी।रेलवे के अनुसार, अतिरिक्त कोच की व्यवस्था अस्थायी है और केवल निर्धारित तिथियों पर लागू होगी। यात्रियों को टिकट बुक करने से पहले संबंधित ट्रेन में सीटों की उपलब्धता की जानकारी जांचने की सलाह दी गई है।
11 अक्टूबर से शुरू होने वाले नवरात्रि पर्व के दौरान मां बम्लेश्वरी के दर्शन के लिए डोंगरगढ़ पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे ने अतिरिक्त इंतजाम किए हैं। इसके तहत दो मेमू ट्रेनों के परिचालन का विस्तार किया गया है। एक विशेष मेमू ट्रेन भी चलाई जाएगी। इसके अलावा 10 एक्सप्रेस ट्रेनों को डोंगरगढ़ स्टेशन पर ठहराव देने की व्यवस्था की गई है। यह सुविधा 20 अक्टूबर तक उपलब्ध रहेगी।रेलवे की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, 68742/68741 गोंदिया-दुर्ग-गोंदिया मेमू का विस्तार रायपुर तक किया जाएगा। इसी तरह 68729/68730 रायपुर-डोंगरगढ़-रायपुर मेमू को गोंदिया तक चलाया जाएगा। इसके अतिरिक्त 06886/06885 डोंगरगढ़-दुर्ग-डोंगरगढ़ स्पेशल मेमू का परिचालन भी किया जाएगा।
नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं को आवागमन में सुविधा देने के लिए कई लंबी दूरी की ट्रेनों को भी डोंगरगढ़ स्टेशन पर रोका जाएगा। इनमें बिलासपुर-भगत की कोठी, भगत की कोठी-बिलासपुर, बिलासपुर-बीकानेर, बिलासपुर-चेन्नई, बीकानेर-बिलासपुर, चेन्नई-बिलासपुर, बिलासपुर-पुणे, पुणे-बिलासपुर और रायपुर-सिकंदराबाद एक्सप्रेस शामिल हैं। जारी जानकारी के अनुसार, इन ट्रेनों को स्टेशन पर दो-दो मिनट का ठहराव दिया जाएगा।
नवरात्रि मेले के मद्देनजर मैहर स्टेशन पर भी यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। 11 से 22 अक्टूबर तक दुर्ग-नौतनवा-दुर्ग एक्सप्रेस दोनों दिशाओं में मैहर स्टेशन पर पांच-पांच मिनट रुकेगी।निर्धारित समय के मुताबिक, 18202 नौतनवा-दुर्ग एक्सप्रेस रात 1:55 बजे मैहर पहुंचेगी और दो बजे रवाना होगी। वहीं, 18201 दुर्ग-नौतनवा एक्सप्रेस सुबह 5:35 बजे मैहर पहुंचेगी और 5:40 बजे आगे के लिए रवाना होगी।
त्योहारी सीजन में रेलवे ने टिकट जांच को लेकर भी सख्ती बढ़ाने का निर्णय लिया है। रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे को एक से 31 अक्टूबर तक विशेष टिकट चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इसका प्रमुख उद्देश्य रियायती किराए और विशेष आरक्षण कोटे का दुरुपयोग रोकना तथा रेलवे के राजस्व को होने वाले नुकसान पर अंकुश लगाना है।अभियान के दौरान यात्रियों को टिकट के साथ मान्य पहचान पत्र भी रखना चाहिए। जरूरत पड़ने पर आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या अन्य स्वीकार्य सरकारी पहचान पत्र दिखाना पड़ सकता है। रियायती किराए या विशेष आरक्षण कोटे के तहत यात्रा करने वालों से उनकी पात्रता से जुड़े मूल दस्तावेज भी मांगे जा सकते हैं।ई-पास और पीटीओ पर सफर करने वाले यात्रियों के दस्तावेजों की भी जांच होगी। इस दौरान यह देखा जाएगा कि संबंधित पास या प्रिविलेज टिकट ऑर्डर का इस्तेमाल निर्धारित नियमों के अनुसार किया गया है या नहीं।
विशेष टिकट जांच अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करना रायपुर रेल मंडल के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मंडल में करीब 250 टिकट जांच कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि जरूरत लगभग 350 कर्मचारियों की है। इस तरह करीब 100 कर्मचारियों की कमी बताई गई है।स्टाफ की कमी के कारण कई ट्रेनों में एक टीटीई को छह से सात स्लीपर कोच तक की जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है। सामान्य व्यवस्था में एक कर्मचारी को करीब तीन स्लीपर कोच देखने होते हैं। एसी श्रेणी में भी एक टीटीई को चार से पांच कोच की जिम्मेदारी दिए जाने की जानकारी सामने आई है।टिकट जांच के अलावा कर्मचारियों को यात्रियों की सीट संबंधी शिकायतों और अन्य ऑन-बोर्ड जिम्मेदारियों का निर्वहन भी करना पड़ता है। ऐसे में सीमित स्टाफ के बीच सभी यात्रियों के टिकट और दस्तावेजों की नियमित जांच करना मुश्किल हो सकता है।
रेलवे बोर्ड ने विशेष अभियान के दौरान टिकटों की जांच के लिए टीटीई ऐप का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए हैं। इसके माध्यम से टिकटों की वैधता की पुष्टि करने और गलत तरीके से इस्तेमाल किए जा रहे टिकटों की पहचान करने पर जोर रहेगा। अनारक्षित और सामान्य श्रेणी के टिकट भी जांच के दायरे में रहेंगे।अभियान 31 अक्टूबर तक चलेगा। इसके समाप्त होने के बाद जोनल रेलवे को 10 दिनों के भीतर संक्षिप्त रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को भेजनी होगी।बिलासपुर रेल मंडल के सीनियर पीआरओ संतोष कुमार के अनुसार, रेलवे बोर्ड के निर्देशों का पालन करते हुए निर्धारित नियमों के तहत टिकट, पहचान पत्र और रियायती यात्रा से संबंधित दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
त्योहारों में यात्रा करने वाले यात्रियों को टिकट बुकिंग के साथ कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। यात्रा से पहले ट्रेन में बर्थ की उपलब्धता और निर्धारित ठहराव की जानकारी जांच लें। रियायती टिकट, ई-पास या पीटीओ पर यात्रा करने वाले यात्री अपने मूल पहचान पत्र और पात्रता संबंधी दस्तावेज साथ रखें। इससे टिकट जांच के दौरान होने वाली परेशानी से बचने में मदद मिलेगी।