

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Religious controversy in English question paper, teacher suspended and preparation for dismissal
रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग में चौथी कक्षा के अर्धवार्षिक परीक्षा में अंग्रेजी के प्रश्न पत्र में हुई गंभीर गड़बड़ी ने सामाजिक और प्रशासनिक स्तर पर हलचल मचा दी है। जिले में एक प्रश्न में एक विकल्प को लेकर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचने की शिकायत के बाद प्रधान पाठक को निलंबित कर दिया गया है और दूसरी शिक्षिका की बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही बीईओ और प्राचार्य के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।
महासमुंद से शुरू हुआ यह विवाद बाद में रायपुर और गरियाबंद तक फैल गया। विवादित प्रश्न अंग्रेजी की परीक्षा का था, जिसमें पूछा गया—“मोना, वो कुत्ते का नाम क्या है?” इस प्रश्न के चार उत्तर विकल्प दिए गए थे। इनमें से एक विकल्प “राम” था। “राम” हिंदू धर्म के आराध्य देवता हैं और किसी पशु के नाम के विकल्प के रूप में इसका उपयोग करने को लेकर आपत्ति जताई गई। शिकायत दर्ज होने के बाद जिला शिक्षा विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए।
जिला शिक्षा अधिकारी रायपुर हिमांशु भारतीय ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया। समिति ने पूरे प्रकरण की बारीकी से समीक्षा की और जांच रिपोर्ट में पेपर निर्माणकर्ता शिखा सोनी, प्रधान पाठक शासकीय प्राथमिक शाला नकटी (खपरी), विकासखंड तिल्दा को दोषी पाया। इसके बाद शिखा सोनी को निलंबित कर दिया गया।
प्रश्न पत्र के मॉडरेशन की जिम्मेदारी निभाने वाली सहायक शिक्षक नम्रता वर्मा के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू कर दी गई। जिला शिक्षा अधिकारी ने उनकी सेवा से पृथक करने की प्रक्रिया प्रारंभ की। विभाग ने स्पष्ट किया कि बच्चों की शिक्षा और सामाजिक संवेदनशीलता से जुड़ी ऐसी लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शिक्षिका शिखा सोनी ने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि प्रश्न पत्र में विकल्प “रामू (RAMU)” लिखा जाना था, लेकिन तकनीकी गलती से “राम (RAM)” अंकित हो गया। उन्होंने कहा कि यह अनजाने में हुई त्रुटि थी और उनका उद्देश्य किसी धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाना नहीं था।
मॉडरेटर नम्रता वर्मा ने भी कहा कि उन्होंने जिला शिक्षा कार्यालय से प्राप्त प्रश्न पत्र में विकल्प यथावत रखा और “राम” शब्द पर ध्यान नहीं दे पाईं। उन्होंने भविष्य में ऐसी गलती न करने का आश्वासन दिया।
जिला शिक्षा अधिकारी ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी, तिल्दा को अनुभवी शिक्षक का सही चयन न करने पर चेतावनी पत्र जारी किया। साथ ही शहीद स्मारक स्वामी अतिमानंद उत्कृष्ट विद्यालय, रायपुर के प्राचार्य को भी सही मॉडरेटर शिक्षक का चयन न करने पर चेतावनी दी गई।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रश्न पत्रों में सामाजिक और धार्मिक संवेदनशीलता का विशेष ध्यान रखना अनिवार्य है। विभाग ने कहा कि इस तरह की लापरवाही की पुनरावृत्ति किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।