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Retired musician beaten to death; 7 accused arrested, minor detained.
नई दिल्ली। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के किलोकारी गांव में देर रात घर के बाहर हो रहे शोर-शराबे का विरोध करना एक सेवानिवृत्त संगीतकार को भारी पड़ गया। कथित तौर पर विवाद के बाद कुछ लोगों ने 54 वर्षीय चोंगथम विक्रम सिंह पर लात-घूंसों से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल सिंह को उनके बेटे ने अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मामले में पुलिस ने सात मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया है।
आधी रात को घर के बाहर हो रहा था शोर
घटना दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के सनलाइट कॉलोनी थाना क्षेत्र के किलोकारी गांव की है। पुलिस के मुताबिक, 7 सितंबर की देर रात करीब 1:30 बजे पीसीआर कॉल के जरिए झगड़े की सूचना मिली थी। पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची तो पता चला कि स्थानीय लोगों के साथ हुए विवाद में चोंगथम विक्रम सिंह के साथ मारपीट की गई है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सिंह ने अपने घर के बाहर कथित तौर पर डिलीवरी कर्मचारियों और ढाबे के कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे शोर-शराबे पर आपत्ति जताई थी। वह घर से बाहर आए और वहां मौजूद लोगों से शोर कम करने को कहा। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और आरोप है कि कुछ लोगों ने उन पर हमला कर दिया।
बेटे ने अस्पताल पहुंचाया, इलाज के दौरान मौत
हमले में सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके बेटे याइफाबा उन्हें इलाज के लिए होली फैमिली अस्पताल लेकर पहुंचे। पुलिस ने बताया कि डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लेकिन चोटों की वजह से सुबह करीब 7 बजे उनकी मौत हो गई।
पुलिस ने घटना के संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के डीसीपी विनीत कुमार के मुताबिक, जांच के दौरान कुल आठ संदिग्धों की पहचान हुई। इनमें से सात वयस्क आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया है।
परिवार ने बताया- कई दिनों से चल रहा था हंगामा
परिवार के एक सदस्य के मुताबिक, इलाके में पिछले कुछ दिनों से देर रात तक युवकों का समूह कथित तौर पर शराब के नशे में हंगामा करता था। घटना वाली रात भी सिंह ने आधी रात के आसपास घर से बाहर जाकर युवकों से शांत रहने और आवाज कम करने को कहा था।
परिवार का आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर उनके साथ मारपीट की गई। हालांकि, पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है और हमले के पीछे की पूरी परिस्थितियों को स्पष्ट करने के लिए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
मणिपुर के पूर्व CM एन. बीरेन सिंह ने जताया दुख
घटना के बाद मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने दुख जताते हुए दिल्ली पुलिस से मामले में तेजी से कार्रवाई करने और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि विक्रम सिंह का संगीत के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान रहा है और उनका असामयिक निधन परिवार, संगीत जगत और मणिपुर के लोगों के लिए बड़ी क्षति है।
मणिपुरी संगठनों ने की निष्पक्ष जांच की मांग
घटना के बाद दिल्ली में रहने वाले मणिपुरी और पूर्वोत्तर समुदाय के लोगों में नाराजगी देखने को मिली। मणिपुरी संगठनों और पूर्वोत्तर समुदाय से जुड़े लोगों ने सनलाइट कॉलोनी थाने पहुंचकर निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की।
कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि एफआईआर दर्ज कराने के लिए समुदाय के लोगों को पुलिस पर दबाव बनाना पड़ा। दिल्ली की मणिपुरी कार्यकर्ता लिली ने कहा कि समुदाय विक्रम सिंह के लिए न्याय चाहता है और जांच पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए।
सिंह को श्रद्धांजलि देने के लिए पूर्वोत्तर समुदाय के युवाओं ने कैंडललाइट मार्च भी निकाला। इस दौरान लोगों ने उनके संगीत में योगदान को याद किया और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
एम्स में पोस्टमार्टम, मौत की वजह होगी स्पष्ट
सिंह के शव का एम्स में पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद उनकी मौत की सटीक वजह और शरीर पर आई चोटों की प्रकृति स्पष्ट होने की उम्मीद है। पुलिस ने भी कहा है कि मामले की जांच जारी है और घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
क्या हमला जातीय पहचान की वजह से हुआ?
घटना के बाद दिल्ली में रह रहे पूर्वोत्तर समुदाय के लोगों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, पुलिस ने अभी तक यह पुष्टि नहीं की है कि सिंह पर हमला उनकी मणिपुरी या पूर्वोत्तर पहचान की वजह से हुआ था। फिलहाल पुलिस की शुरुआती जांच में शोर को लेकर हुए विवाद को हमले की वजह बताया जा रहा है।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब दिल्ली में पूर्वोत्तर राज्यों से आने वाले लोगों के साथ कथित मारपीट, दुर्व्यवहार और नस्लीय टिप्पणियों की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
2026 में सामने आए कई मामले
मार्च 2026 में मणिपुर की एक महिला और असम की उसकी दोस्त के साथ साकेत जिला अदालत परिसर के पास कथित मारपीट का मामला सामने आया था। आरोप था कि दोनों महिलाओं ने युवकों के एक समूह की कथित आपत्तिजनक और नस्लीय टिप्पणियों का विरोध किया था। पुलिस ने इस मामले में चार नाबालिगों को हिरासत में लिया था।
एक अन्य घटना में मालवीय नगर इलाके में एक मणिपुरी महिला के साथ कथित अभद्र और नस्लीय दुर्व्यवहार के बाद मारपीट का मामला सामने आया। इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने स्वतः संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस से रिपोर्ट मांगी थी।
मई में नेहरू प्लेस के पास पूर्वोत्तर की दो महिलाओं के साथ कथित छेड़छाड़ और मारपीट का मामला भी सामने आया था। वहीं अगस्त में मुनीरका इलाके में मामूली विवाद के बाद मणिपुर के दो युवकों के साथ कथित मारपीट की घटना सामने आई थी। इस मामले में भी NHRC ने स्वतः संज्ञान लेकर दिल्ली पुलिस से रिपोर्ट मांगी थी।
फिलहाल किलोकारी हत्याकांड में पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आगे बढ़ने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद किस तरह हिंसक हुआ और सिंह की मौत के लिए आरोपियों की भूमिका क्या रही।