

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Speculation intensifies about 17 Trinamool Congress MPs joining the BJP; the party has expressed disagreement with these claims.
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में राजनीतिक समीकरणों को लेकर एक बार फिर अटकलों का दौर शुरू हो गया है। कूचबिहार से तृणमूल कांग्रेस के सांसद जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया ने दावा किया है कि पार्टी से अलग होकर एनसीपीआई के साथ आए 20 विपक्षी सांसदों में से 17 भाजपा का दामन थाम सकते हैं। उनके मुताबिक यह बदलाव एक साथ होने की संभावना है और संख्या अधिक होने पर दल बदल कानून के प्रावधानों से बचने का रास्ता भी बन सकता है।बसुनिया मूल रूप से तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे, लेकिन बाद में वह एनडीए खेमे के करीब आ गए। उनके इस दावे के बाद राज्य की सियासत में नई चर्चा शुरू हो गई है।
हालांकि बसुनिया के दावे पर सभी सांसदों की सहमति सामने नहीं आई है। मुर्शिदाबाद के सांसद अबू ताहेर खान, जंगीपुर के सांसद खलीलुर रहमान और बहरामपुर के सांसद यूसुफ पठान के भाजपा में शामिल होने की संभावना से इनकार किया गया है। यूसुफ पठान के बारे में कहा गया है कि वह भाजपा में शामिल नहीं होंगे, हालांकि एनडीए को बाहर से समर्थन देने की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया गया है।
भाजपा की ओर से भी इस दावे की पुष्टि नहीं की गई है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि पार्टी में शामिल होने की इच्छा जताने मात्र से यह तय नहीं होता कि संबंधित व्यक्ति को भाजपा स्वीकार करेगी। उन्होंने बसुनिया के बयान को उनकी व्यक्तिगत राय बताया। इधर तृणमूल कांग्रेस के सांसदों पर भाजपा के एजेंट के तौर पर काम करने का आरोप भी लगाया गया है। पार्टी की ओर से कहा गया है कि सांसदों के रुख और गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।फिलहाल 17 सांसदों के भाजपा में जाने का दावा राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित है। यदि ऐसा कोई घटनाक्रम वास्तव में सामने आता है तो इसका असर पश्चिम बंगाल की राजनीति और संसद में विपक्षी समीकरणों पर भी पड़ सकता है।