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Students trained in digital security to protect against cybercrime.
जगदलपुर। बस्तर पुलिस की ओर से विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से बचाने और डिजिटल माध्यमों के सुरक्षित इस्तेमाल को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। डिप्टी सीएम अरुण साव की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने छात्रों से संवाद कर उन्हें ऑनलाइन दुनिया में बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी।
कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को फिशिंग लिंक, ओटीपी, क्यूआर कोड, फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल और अन्य साइबर अपराधों के तरीकों के बारे में बताया। छात्रों को समझाया गया कि अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध संदेशों का जवाब देने या निजी जानकारी साझा करने से आर्थिक नुकसान के साथ व्यक्तिगत डेटा भी खतरे में पड़ सकता है।एसपी शलभ कुमार सिन्हा ने सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को लेकर विद्यार्थियों से बातचीत की। उन्होंने साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की।
बस्तर पुलिस की ओर से यह अभियान 15 अगस्त से शुरू किया गया है और 2 अक्टूबर तक अलग अलग शिक्षण संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। अभियान का उद्देश्य युवाओं और विद्यार्थियों को साइबर अपराध के नए तरीकों से परिचित कराना और उन्हें डिजिटल सुरक्षा के प्रति सजग बनाना है।कार्यक्रम में साइबर अपराधों से बचाव के उपायों के साथ शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया भी समझाई गई, ताकि किसी घटना का शिकार होने पर पीड़ित समय रहते उचित सहायता प्राप्त कर सके।
कार्यक्रम में एएसपी समेत पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों के सवालों के जवाब दिए। साइबर अपराधों से बचाव के अलावा महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से संबंधित विषयों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने विद्यार्थियों से सोशल मीडिया का इस्तेमाल जिम्मेदारी से करने और अपनी निजी जानकारी सार्वजनिक मंचों पर साझा नहीं करने की सलाह दी।कार्यक्रम में प्रशासन और पुलिस विभाग के अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।
बस्तर पुलिस ने बताया कि साइबर जागरूकता अभियान के तहत स्कूल और कॉलेज स्तर पर लगातार कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। विद्यार्थियों को साइबर ठगी के मामलों में तत्काल शिकायत करने, संदिग्ध लेनदेन की सूचना देने और डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के बारे में भी जानकारी दी जा रही है।पुलिस का कहना है कि डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूकता ही साइबर अपराध रोकने का सबसे प्रभावी माध्यम है। इसी उद्देश्य से अभियान को जिले के अलग अलग शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंचाया जा रहा है।