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Supreme Court's big comment on Sabarimala controversy, said the Constitution is supreme over faith.
नई दिल्ली। सबरीमाला मंदिर से जुड़े बहुचर्चित मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि आस्था से जुड़े मामलों में फैसला करते समय संविधान सर्वोच्च होना चाहिए। नौ जजों की संविधान पीठ, जिसकी अध्यक्षता सूर्यकान्त कर रहे हैं, इस संवेदनशील मुद्दे पर गहराई से सुनवाई कर रही है।
धार्मिक मान्यताओं से ऊपर उठकर निर्णय जरूरी
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्पष्ट किया कि न्यायिक फैसले व्यक्तिगत धार्मिक विश्वासों के आधार पर नहीं, बल्कि संवैधानिक सिद्धांतों और अंतःकरण की स्वतंत्रता के आधार पर लिए जाने चाहिए। यह टिप्पणी वरिष्ठ अधिवक्ता Rajeev Dhavan की दलीलों के जवाब में आई।
क्या न्यायपालिका धर्म में दखल दे सकती है? बहस का केंद्र यही
पूरी सुनवाई इस सवाल के इर्द-गिर्द घूमती रही कि क्या धार्मिक मामलों में अदालत का हस्तक्षेप उचित है। कोर्ट ने संकेत दिया कि जब मामला मौलिक अधिकारों से जुड़ा हो, तो उसे केवल धर्म के नाम पर न्यायिक समीक्षा से बाहर नहीं रखा जा सकता।
परंपरा बनाम अधिकार, दोनों पक्षों ने रखे दमदार तर्क
एक पक्ष ने कहा कि मंदिरों को सामान्य सार्वजनिक स्थान की तरह नहीं देखा जा सकता और धार्मिक परंपराओं का सम्मान जरूरी है। वहीं दूसरे पक्ष ने तर्क दिया कि 'मूर्ति' केवल पत्थर नहीं, बल्कि आस्था का जीवंत स्वरूप है, जिसके साथ जुड़े नियमों का पालन अनिवार्य है।
आंबेडकर के विचारों का हवाला, अस्पृश्यता और अशुद्धि अलग
बहस के दौरान यह भी कहा गया कि संविधान निर्माताओं ने अस्पृश्यता और जैविक कारणों से जुड़ी अस्थायी अशुद्धि के बीच अंतर माना था। ऐसे में दोनों को एक जैसा मानना संविधान की भावना के विपरीत है।
अनुच्छेद 25 और 26 पर गहराई से मंथन
कोर्ट अब यह समझने की कोशिश कर रहा है कि व्यक्तिगत धार्मिक स्वतंत्रता और धार्मिक संस्थाओं के अधिकारों के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। अनुच्छेद 25 व्यक्ति को धर्म मानने की आजादी देता है, जबकि अनुच्छेद 26 धार्मिक संस्थाओं को अपने मामलों का संचालन करने का अधिकार देता है।
2018 के फैसले के बाद फिर गर्माया मुद्दा
गौरतलब है कि 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने सभी आयु वर्ग की महिलाओं को सबरीमाला मंदिर में प्रवेश की अनुमति दी थी। इसके खिलाफ कई पुनर्विचार याचिकाएं दायर की गई थीं, जिन पर अब विस्तृत सुनवाई जारी है।