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Chhattisgarh: Technical education to be promoted in Chhattisgarh; new institutes to be built in 7 cities, with crores of rupees provisioned in the budget.
रायपुर। रायपुर में पेश बजट 2026-27 में राज्य सरकार ने तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए कई अहम घोषणाएं की हैं। राज्य में विश्वस्तरीय तकनीकी मानव संसाधन तैयार करने के उद्देश्य से रायगढ़, जगदलपुर, कवर्धा, जशपुर, रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की स्थापना की जाएगी।
संस्थान स्थापना के लिए बजट प्रावधान
इन संस्थानों की स्थापना के लिए 12.02 करोड़ रुपये और मशीन व उपकरणों की खरीद के लिए 98 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। यह जानकारी विधानसभा में अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा व रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहब ने दी।
कौशल विकास योजनाओं पर जोर
मंत्री ने बताया कि राज्य परियोजना लाइवलीहुड कॉलेज सोसायटी के लिए 33 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना के तहत अब तक 67,118 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। साथ ही नवा रायपुर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का लाइवलीहुड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा, जिसके लिए भूमि लीज अनुबंध हेतु 2 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है।
तकनीकी शिक्षा बजट में बढ़ोतरी
तकनीकी शिक्षा विभाग का बजट वर्ष 2018 में 265.49 करोड़ रुपये था, जो बढ़कर वर्ष 2026-27 में 372.35 करोड़ रुपये हो गया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा ऋण ब्याज अनुदान योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को 4 लाख रुपये तक के शिक्षा ऋण पर ब्याज में राहत दी जाएगी।
अनुसूचित जाति विकास के लिए बड़ा बजट
विधानसभा में अनुसूचित जाति विकास विभाग के लिए 573 करोड़ रुपये की अनुदान मांगें भी पारित की गईं। इस पर बोलते हुए मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि सरकार समाज के अंतिम छोर पर खड़े लोगों के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि, विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार गुरु घासीदास के “मनखे-मनखे एक समान” के संदेश पर काम कर रही है।
छात्रों के लिए सुविधाएं
वर्तमान में अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए 342 प्री-मैट्रिक और 92 पोस्ट-मैट्रिक छात्रावास संचालित किए जा रहे हैं।
शिक्षा और रोजगार पर फोकस
राज्य सरकार की इन घोषणाओं से साफ है कि आने वाले समय में तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और सामाजिक उत्थान को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे युवाओं को बेहतर अवसर मिल सकें।