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The Cook Association met the DEO to demand 15 days' honorarium.
रायपुर। स्कूल खुलने से पहले रसोइया संघ ने 15 जून से 30 जून तक के मानदेय और मध्यान भोजन की कुकिंग कॉस्ट के भुगतान की मांग को लेकर दुर्ग जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय पहुंचकर मुलाकात की। संघ ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कार्यालय का घेराव नहीं किया, बल्कि अपनी मांगों को लेकर अधिकारियों से चर्चा करने आए थे।
रसोइया संघ की जिला अध्यक्ष शकुन साहू ने बताया कि पिछले दो वर्षों से जून माह में स्कूल खुलने के बाद 15 दिनों तक काम कराने के बावजूद उन्हें उस अवधि का मानदेय नहीं दिया जाता है। उन्होंने कहा कि उनका मासिक मानदेय पहले से ही बहुत कम है और उसमें भी 15 दिन मुफ्त में काम कराना उचित नहीं है। इस बार सभी रसोइयों ने तय किया है कि उन्हें 15 दिनों का भुगतान दिया जाए।
शकुन साहू ने कहा कि अधिकारियों की ओर से हर बार केवल मौखिक आश्वासन दिया जाता है कि मामला ऊपर भेजा जा रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक माह के भीतर उनकी मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया तो रसोइया संघ फिर से जिला मुख्यालय पहुंचकर आंदोलन करेगा।
वहीं, जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि रसोइया संघ ने कार्यालय का घेराव नहीं किया, बल्कि अपनी मांगों के संबंध में मुलाकात की है। उन्होंने बताया कि शासन के निर्देशानुसार 16 जून से विद्यालयों में मध्यान भोजन योजना शुरू होगी और बच्चों को भोजन उपलब्ध कराना अनिवार्य है। रसोइयों की मांग को देखते हुए उनके मानदेय और कुकिंग कॉस्ट के भुगतान संबंधी प्रस्ताव को लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) को भेजा जाएगा और उनके पक्ष में उचित निर्णय कराने का प्रयास किया जाएगा।
डीईओ ने यह भी कहा कि शासन के निर्देश के अनुसार सोमवार से विद्यालयों में मध्यान भोजन बनाया जाएगा।