

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

The India-US trade agreement will not compromise the interests of farmers or national interests.
नई दिल्ली । केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को संसद में भारत-अमेरिका व्यापार समझौता को लेकर सरकार का पक्ष स्पष्ट किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस समझौते में भारत के राष्ट्रीय हितों, विशेष रूप से खाद्य, कृषि और डेरी क्षेत्र की संवेदनशीलताओं का पूरा ध्यान रखा गया है। गोयल ने साफ कहा कि किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया गया है।
पीयूष गोयल ने बताया कि यह ऐतिहासिक समझौता भारत और अमेरिका के संबंधों को और मजबूत करेगा। उन्होंने इसे 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने के लक्ष्य की दिशा में अहम कदम बताया। मंत्री के अनुसार, यह समझौता दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्रों के बीच गहरे सहयोग और साझा समृद्धि का प्रतीक है। इससे अमेरिकी बाजार में भारत के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धा क्षमता मजबूत होगी।
रूस से तेल खरीद को लेकर लगाए जा रहे कयासों पर प्रतिक्रिया देते हुए गोयल ने कहा कि 140 करोड़ भारतीयों की ऊर्जा सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बदलती अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के अनुसार ऊर्जा आपूर्ति में विविधता लाना भारत की रणनीति का अहम हिस्सा है। भारत की सभी नीतिगत कार्रवाइयां इसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर की जाती हैं।
गोयल ने कहा कि भारत के विकास के साथ ऊर्जा, विमानन, डाटा सेंटर और परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में क्षमता विस्तार की जरूरत है। अमेरिका इन क्षेत्रों में अग्रणी है, जिससे भारत की खरीद के साथ-साथ निर्यात भी बढ़ेगा। उन्होंने जानकारी दी कि दोनों देश फिलहाल तकनीकी प्रक्रियाओं और कागजी कार्रवाई को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। इसके पूरा होते ही समझौते की विस्तृत रूपरेखा सार्वजनिक की जाएगी।
हालांकि, विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार पर संसदीय परंपराओं को तोड़ने का आरोप लगाया। कांग्रेस के प्रमोद तिवारी ने कहा कि नीतिगत जानकारी पहले संसद में दी जानी चाहिए थी। हालांकि, सभापति ने यह कहते हुए आपत्ति खारिज कर दी कि मंत्री स्वयं संसद में बयान देना चाहते थे।