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The growing conflict in Hormuz has become a global crisis, with the US and Iran facing off.
नई दिल्ली। रिपोर्ट के अनुसार पश्चिम एशिया में तनाव तेजी से बढ़ रहा है और होर्मुज जलडमरूमध्य अब टकराव का नया केंद्र बन चुका है। अमेरिका और ईरान के बीच समुद्री वर्चस्व को लेकर अघोषित संघर्ष चल रहा है, जहां दोनों पक्ष एक दूसरे के व्यापारिक जहाजों को निशाना बना रहे हैं। इस खींचतान ने दुनिया के सबसे अहम तेल मार्ग पर अस्थिरता बढ़ा दी है।
ट्रंप का सख्त रुख, ईरानी नौकाओं को देखते ही कार्रवाई के आदेश
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हालात को देखते हुए नौसेना को निर्देश दिए हैं कि समुद्र में बारूदी सुरंग बिछाने वाली ईरानी छोटी नौकाओं को तुरंत निशाना बनाया जाए। इससे पहले ईरान तीन व्यापारिक जहाजों पर हमला कर चुका है और दो को अपने कब्जे में ले चुका है, जिससे तनाव और गहरा गया है।
जहाजों की जब्ती से बढ़ी टकराहट, दोनों तरफ से जवाबी कार्रवाई
अमेरिकी रक्षा विभाग ने दावा किया है कि हिंद महासागर में एक तेल टैंकर को अपने नियंत्रण में लिया गया है। वहीं ईरान ने भी जवाबी कदम उठाते हुए अमेरिका समर्थित देशों के जहाजों को जब्त करने का दावा किया है। इस खींचतान ने समुद्री व्यापार को प्रभावित करना शुरू कर दिया है।
तेल की कीमतों में उछाल, वैश्विक बाजार पर असर साफ
होर्मुज में बढ़ते तनाव का असर सीधे ऊर्जा बाजार पर दिख रहा है। कच्चे तेल की कीमत 104 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है, जिससे आने वाले समय में महंगाई बढ़ने और आपूर्ति बाधित होने की आशंका जताई जा रही है।
बारूदी सुरंगें बनी बड़ी चुनौती, छह महीने तक रह सकता है खतरा
पेंटागन के अनुमान के मुताबिक होर्मुज में बिछाई गई समुद्री सुरंगों को हटाने में कम से कम छह महीने का समय लग सकता है, चाहे युद्धविराम ही क्यों न हो जाए। बताया जा रहा है कि ईरान ने 20 से अधिक उन्नत माइन्स तैनात किए हैं, जिनमें कुछ जीपीएस तकनीक से संचालित हैं, जिससे उन्हें खोज पाना बेहद कठिन है।
अमेरिकी सिस्टम में हलचल, नौसेना प्रमुख को हटाने से बढ़ी सियासी गर्मी
तनाव के बीच अमेरिका के भीतर भी मतभेद उभरने लगे हैं। हाल ही में नौसेना प्रमुख को पद से हटाया गया, जिससे यह संकेत मिला है कि युद्ध रणनीति को लेकर ट्रंप प्रशासन और सैन्य नेतृत्व के बीच मतभेद हैं। इससे राजनीतिक दबाव भी बढ़ता नजर आ रहा है।
भारतीय जहाजों और नागरिकों पर नजर, सरकार अलर्ट मोड में
विदेश मंत्रालय के अनुसार ईरानी कब्जे वाले जहाजों पर सवार 22 भारतीय सुरक्षित हैं। फिलहाल 14 भारतीय जहाज इस क्षेत्र में फंसे हुए हैं, जबकि कई जहाज सुरक्षित बाहर निकल चुके हैं। सरकार लगातार संपर्क में रहकर भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटी है।
इजराइल की चेतावनी और बढ़ा खतरा, पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट
इस पूरे घटनाक्रम के बीच इजराइल ने भी सख्त चेतावनी देते हुए ईरान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही है। तेहरान में एयर डिफेंस सिस्टम को हाई अलर्ट पर रखा गया है, जिससे साफ है कि हालात किसी भी वक्त और गंभीर हो सकते हैं।
आर्थिक और राजनीतिक दबाव में बढ़ी बेचैनी, समाधान की राह कठिन
विशेषज्ञों का मानना है कि यह संकट सिर्फ सैन्य नहीं बल्कि आर्थिक और राजनीतिक रूप से भी गहराता जा रहा है। समुद्री व्यापार, तेल आपूर्ति और वैश्विक स्थिरता पर इसका असर पड़ना तय माना जा रहा है, जबकि कूटनीतिक समाधान फिलहाल दूर नजर आ रहा है।