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The movement of Jupiter will change on October 31; it will remain in the sign of Leo for only 87 days—find out what the impact will be.
रायपुर। ज्योतिष शास्त्र में गुरु को विवाह, संतान और शिक्षा का कारक माना जाता है। 31 अक्टूबर को गुरु कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। इसके साथ ही 2 जून 2026 से कर्क राशि में चल रहा उनका गोचर अस्थायी रूप से समाप्त हो जाएगा। जनवरी 2027 में गुरु एक बार फिर कर्क राशि में लौटेंगे।ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, गुरु सामान्य तौर पर एक राशि में करीब एक साल तक रहते है और लगभग 12 साल में पूरा राशिचक्र तय करते है। हालांकि इस बार गुरु अपनी उच्च राशि कर्क में दो अलग-अलग चरणों में कुल 303 दिन ही रहेंगे। वर्ष 2014-15 में यह अवधि 390 दिन थी। इस तरह पिछली बार की तुलना में इस बार 87 दिन कम समय मिलेगा।ज्योतिषाचार्य डॉ. दत्तात्रेय होस्करे के अनुसार, गुरु के उच्च राशि में रहने से गुरुवल मजबूत माना जाता है। इससे विवाह के योग बनने की संभावना बढ़ती है। इस बार यह अवधि कम होने के कारण विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों के अवसर भी अपेक्षाकृत कम हो सकते है। गुरु के राशि परिवर्तन का असर सभी 12 राशियों पर अलग-अलग रूप में देखने को मिल सकता है।
2 जून 2026: गुरु ने मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश किया। करीब 12 साल बाद वे अपनी उच्च राशि में पहुंचे।31 अक्टूबर 2026: दोपहर 12:02 बजे गुरु कर्क राशि से सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। इसके साथ गोचर का पहला चरण पूरा होगा।13 दिसंबर 2026: गुरु सिंह राशि में वक्री होंगे। ज्योतिषीय गणना में वक्री होने का अर्थ ग्रह की उल्टी गति से है।25 जनवरी 2027: गुरु फिर से कर्क राशि में लौटेंगे। इस दूसरे चरण में वे करीब पांच महीने एक दिन तक कर्क राशि में रहेंगे।26 जून 2027: गुरु दोबारा सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। इसके बाद वे नवंबर 2027 तक इसी राशि में रहेंगे।
मेष: शिक्षा और संतान से जुड़े मामलों में सफलता मिलने के योग।
वृषभ: स्वास्थ्य को लेकर सावधानी बरतना जरूरी होगा।
मिथुन: विवाह के अवसर बन सकते है।
कर्क: स्वास्थ्य और कर्ज से जुड़े मामलों में सतर्कता जरूरी।
सिंह: संतान सुख और प्रतियोगिताओं में सफलता की संभावना।
कन्या: परिवार से दूर जाना पड़ सकता है।
तुला: सहयोग मिलने और प्रतियोगिता में सफलता के योग।
वृश्चिक: आय और मान-सम्मान में वृद्धि हो सकती है।
धनु: स्वास्थ्य और करियर में प्रगति के संकेत।
मकर: स्वास्थ्य और कामकाज में सावधानी रखनी होगी।
कुंभ: कारोबार में तरक्की और मान-सम्मान बढ़ने की संभावना।
मीन: स्वास्थ्य के मामले में विशेष सतर्कता जरूरी।