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This is not the echo of students; it is the echo of money: BJP spokesperson.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुणे में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर भाजपा ने गंभीर आरोप लगाए हैं। भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बन ने दावा किया है, कि कार्यक्रम की वीडियो क्लिप और विद्यार्थियों की प्रतिक्रियाएं इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित करने के लिए करीब तीन से साढ़े तीन हजार सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरों को प्रत्येक इन्फ्लुएंसर 30 से 35 हजार रुपए देने की पेशकश की गई। उन्होंने इस कार्यक्रम को ‘छात्रों की गूंज’ के बजाय ‘पैसों की गूंज’करार दिया।
भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में नवनाथ बन ने कथित तौर पर इन्फ्लुएंसर्स से संपर्क करने वाले शांतनु नामक व्यक्ति के वीडियो भी दिखाए। उन्होंने कहा, कि वीडियो में कार्यक्रम में शामिल होने और उसकी सामग्री सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के लिए भुगतान की बात सामने आती है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। बन ने आरोप लगाया, कि इस एक कार्यक्रम के लिए करीब नौ से दस करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, कि यह उसका पीपीपी मॉडल यानि पेड पॉलिटिकल प्रोग्राम है, जिसके जरिए राहुल गांधी की राजनीतिक छवि को दोबारा स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया, कि यदि एक कार्यक्रम पर 10 करोड़ तक खर्च हो रहे हैं तो ऐसे कई कार्यक्रमों पर कुल खर्च सैकड़ों करोड़ तक पहुंच सकता है।
आपको बता दें, कि इस मामले में नवनाथ बन ने राहुल गांधी से पांच सवाल पूछे हैं। उन्होंने पूछा, कि पुणे के कार्यक्रम में कथित तौर पर पैसे बांटने के पीछे कौन है। करोड़ों रुपए की इस राशि का स्रोत क्या है। क्या इसका कोई संबंध विदेशी फंडिंग से है। क्या यह पैसा कर्नाटक और केरल जैसे कांग्रेस शासित राज्यों के ठेकेदारों के लेन-देन से आया है। इसके अलावा राहुल गांधी की री-लॉन्चिंग के लिए कांग्रेस का कुल बजट कितना है।
भाजपा प्रवक्ता ने केन्द्र सरकार से इस पूरे मामले की गहन जांच कराने की मांग की है। हालांकि, कांग्रेस की तरफ से इसपर अभी तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।