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Three tankers attacked in the Strait of Hormuz; LNG vessel bound for India also targeted.
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य के पास 24 घंटे के भीतर तीन व्यावसायिक टैंकरों पर हमले की घटनाएं सामने आई हैं। इनमें कतर से गुजरात के दहेज बंदरगाह के लिए तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) लेकर आ रहे जहाज अल रेकय्यात भी शामिल है। हमले के बाद जहाज के इंजन कक्ष में आग लग गई, हालांकि सभी चालक दल के सदस्य सुरक्षित बताए गए हैं।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जहाज पर कुल 29 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें चार भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। हमले के बाद जहाज से सहायता संदेश भेजा गया। आग लगने से इंजन कक्ष में घना धुआं भर गया, लेकिन किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
हमले में एक सऊदी ध्वज वाले कच्चे तेल के टैंकर को भी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा एक अन्य व्यावसायिक जहाज पर भी हमला होने की पुष्टि हुई है। इन घटनाओं के बाद क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है और कई तेल व गैस टैंकरों ने अपना मार्ग बदल लिया या यात्रा रोक दी है।
अब तक किसी संगठन या देश ने इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है। हालांकि कतर ने इस घटना के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है। दूसरी ओर ईरान की ओर से औपचारिक रूप से हमले की जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की गई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मामले की जांच जारी है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब क्षेत्र में संघर्ष कम करने और स्थायी शांति की दिशा में प्रयास चल रहे थे। टैंकरों पर हमले के बाद वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है, जहां किसी भी सुरक्षा संकट का असर अंतरराष्ट्रीय तेल और गैस बाजार पर पड़ सकता है।