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Ticket received via WhatsApp is not valid! Railways imposed a fine; know the rules for digital tickets.
रायपुर। यदि आप ट्रेन यात्रा के दौरान किसी दूसरे के मोबाइल से बुक किए गए टिकट का स्क्रीनशॉट या WhatsApp पर भेजा गया टिकट दिखाकर सफर करने की योजना बना रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि केवल स्क्रीनशॉट या मैसेज के माध्यम से प्राप्त टिकट को वैध यात्रा प्राधिकार नहीं माना जाता। ऐसे ही एक मामले में महिला यात्री को जुर्माना भरना पड़ा, जिसके बाद दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) ने यात्रियों के लिए डिजिटल टिकट संबंधी एडवाइजरी जारी की है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, कोरबा से रायपुर जा रही एक महिला यात्री के पास ट्रेन रवाना होने के बाद कोई वैध टिकट नहीं था। टिकट जांच के दौरान उन्होंने अपने भाई को फोन कर टिकट बुक करने के लिए कहा। भाई ने रेलवन (RailOne) ऐप के माध्यम से अनारक्षित टिकट बुक किया और उसका स्क्रीनशॉट WhatsApp पर भेज दिया।
टिकट जांच के दौरान टीटीई ने पाया कि ट्रेन शाम 4:10 बजे कोरबा स्टेशन से रवाना हो चुकी थी, जबकि अनारक्षित टिकट शाम 4:45 बजे जारी किया गया था। इसके अलावा यात्री के पास टिकट की मूल डिजिटल प्रति नहीं थी, बल्कि केवल WhatsApp पर भेजा गया स्क्रीनशॉट था।
रेलवे के नियमों के अनुसार, ट्रेन छूटने के बाद जारी किया गया अनारक्षित टिकट और केवल स्क्रीनशॉट के रूप में दिखाया गया टिकट वैध यात्रा प्राधिकार नहीं माना जाता। नियमों के उल्लंघन के चलते महिला यात्री से नियमानुसार जुर्माना वसूला गया।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा शुरू होने से पहले ही वैध टिकट बुक करें और डिजिटल टिकट हमेशा अधिकृत रेलवे ऐप या संबंधित प्लेटफॉर्म पर मूल रूप में उपलब्ध रखें। केवल स्क्रीनशॉट या WhatsApp पर भेजी गई टिकट की तस्वीर पर निर्भर रहना महंगा पड़ सकता है।