

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Toll plazas to go digital from today; cash payments banned, UPI-FASTag mandatory
नई दिल्ली। देशभर में हाईवे पर सफर करने वालों के लिए आज 1 अप्रैल से बड़ा बदलाव लागू हो गया है। National Highways Authority of India (एनएचएआई) ने सभी टोल प्लाजा पर नकद भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया है। अब वाहन चालकों को टोल शुल्क केवल डिजिटल माध्यम फास्टैग या यूपीआई से ही चुकाना होगा।
यह कदम हाईवे यात्रा को आधुनिक और तेज बनाने की दिशा में उठाया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, डिजिटल भुगतान व्यवस्था लागू होने से टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारें कम होंगी और वाहन तेजी से गुजर सकेंगे, जिससे समय की बचत होगी।
QR कोड से भी कर सकेंगे पेमेंट
नई व्यवस्था के तहत वाहन चालक टोल प्लाजा पर क्यूआर कोड स्कैन कर यूपीआई के जरिए भुगतान कर सकेंगे। इससे उन लोगों को भी सुविधा मिलेगी जिनके पास फास्टैग नहीं है।
छत्तीसगढ़ में बढ़ा टोल टैक्स
इसी के साथ छत्तीसगढ़ में नेशनल हाईवे पर सफर महंगा हो गया है। एनएचएआई ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई टोल दरें जारी की हैं, जिसके तहत आज 1 अप्रैल से प्रदेश के विभिन्न टोल प्लाजा पर 5 से 20 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है।
नई दरें भिलाई, आरंग, बिलासपुर-रायपुर मार्ग, कोरबा, अंबिकापुर, रायगढ़ और जगदलपुर जाने वाले मार्गों पर स्थित कुम्हारी, भोजपुरी, मुढ़ीपार, पाराघाट और बगदेवा समेत कई टोल प्लाजा पर लागू होंगी।
सालाना पास भी महंगा
टोल दरों के साथ ही वार्षिक पासधारकों को भी झटका लगा है। कार के लिए बनने वाला सालाना पास अब 3,000 रुपये की जगह 3,075 रुपये में मिलेगा, यानी 75 रुपये की बढ़ोतरी की गई है।
स्थानीय लोगों को राहत जारी
हालांकि, 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले स्थानीय निवासियों के लिए छूट योजना और पुरानी दरों पर यात्रा की सुविधा पहले की तरह जारी रहेगी। डिजिटल टोल सिस्टम लागू होने से जहां एक ओर पारदर्शिता और सुविधा बढ़ेगी, वहीं दूसरी ओर बढ़ी हुई दरों का असर आम लोगों की जेब पर भी पड़ेगा।