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Trump AI Summit: Security agreement with 6 tech companies; 4-level controls on AI... ban on unauthorized hacking of other systems.
वॉशिंगटन। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल और उससे जुड़े सुरक्षा जोखिमों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने टेक कंपनियों के साथ स्वैच्छिक AI सुरक्षा समझौता किया है। व्हाइट हाउस में हुई बैठक में ओपनएआई, गूगल, मेटा, एंथ्रोपिक, एनवीडिया और एक्सएआईके प्रतिनिधियों ने समझौते पर सहमति जताई। इसमें AI सिस्टम की सुरक्षा जांच के लिए चार स्तरों वाला नियंत्रण और ऑडिट ढांचा तैयार करने की बात कही गई है।
समझौते के मुताबिक AI कंपनियां अपने सबसे सक्षम मॉडल के प्रशिक्षण और इस्तेमाल के दौरान सुरक्षा जोखिमों की निगरानी के लिए मजबूत आंतरिक नियंत्रण व्यवस्था बनाएंगी। इसके बाद कंपनी के भीतर अलग टीम यह जांच करेगी कि ये सुरक्षा उपाय सही तरीके से काम कर रहे हैं या नहीं।तीसरे स्तर पर स्वतंत्र बाहरी ऑडिटर AI की सुरक्षा व्यवस्था का आकलन करेंगे। चौथे स्तर पर कंपनी के बोर्ड की स्वतंत्र समिति आंतरिक और बाहरी ऑडिट से मिली रिपोर्ट की समीक्षा करेगी। इस तरह AI सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल मॉडल बनाने वाली तकनीकी टीम तक सीमित न रहकर कंपनी के उच्च प्रबंधन और बोर्ड स्तर तक जाएगी।
समझौते में कंपनियों ने यह सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता जताई है कि उनके AI टूल अनचाहे तरीके से दूसरे तकनीकी सिस्टम को हैक या एक्सेस न करें। सुरक्षा समीक्षा में साइबर हमले के अलावा बायोसेक्योरिटी और केमिकल जोखिमों से जुड़े संभावित खतरों को भी शामिल किया गया है।यह पहल ऐसे समय हुई है जब कुछ AI एजेंटों के अनधिकृत सिस्टम तक पहुंच बनाने और साइबर सुरक्षा से जुड़े जोखिमों को लेकर चिंता बढ़ी है। अमेरिकी संघीय व्यापार आयोग ने भी ओपनएआई, एंथ्रोपिक और अन्य AI कंपनियों की तकनीक से जुड़े संभावित उपभोक्ता जोखिमों की जांच शुरू की है।
ट्रम्प ने समझौते को नैतिक रूप से बाध्यकारी बताया है, लेकिन मौजूदा दस्तावेज कानूनी रूप से बाध्यकारी नियम नहीं है। इसमें कंपनियों पर उल्लंघन के लिए कोई स्पष्ट दंड या स्वतंत्र ऑडिट की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की अनिवार्यता भी तय नहीं की गई है। समझौते में भविष्य में इन उपायों को कानून या नियमन का हिस्सा बनाने की संभावना का उल्लेख है।
व्हाइट हाउस की बैठक में कई प्रमुख टेक कंपनियों के अधिकारी मौजूद रहे। इनमें ओपनएआई के ग्रेग ब्रॉकमैन, गूगल के सुंदर पिचाई, मेटा के मार्क जुकरबर्ग, Anthropic के डारियो अमोडेई, Nvidia के जेंसन हुआंग और xAI से जुड़े एलन मस्क प्रमुख नाम रहे। बैठक में AI सुरक्षा और उद्योग के स्तर पर स्व-नियमन को लेकर चर्चा हुई।
ट्रम्प प्रशासन ने AI के लिए सरकारी इस्तेमाल में 'सुपर इंटेलिजेंस या SI शब्द को बढ़ावा देने का फैसला भी किया है। इसके साथ AI कंपनियों के लिए स्व-नियमन, आंतरिक सुरक्षा नियंत्रण और बाहरी ऑडिट को नए ढांचे का हिस्सा बनाया गया है। हालांकि इस व्यवस्था की प्रभावशीलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनियां ऑडिट और सुरक्षा रिपोर्टिंग को किस स्तर तक लागू करती हैं।