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UN report on the Red Fort blast... AQIS claims responsibility for the attack... fresh questions regarding the investigation and security.
नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक हालिया मॉनिटरिंग रिपोर्ट में पिछले वर्ष दिल्ली के लाल किले के पास हुए विस्फोट का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि इसकी जिम्मेदारी अलकायदा की भारतीय उपमहाद्वीप शाखा, अलकायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS), ने ली थी। रिपोर्ट के अनुसार यह संगठन अब पहले की तुलना में अधिक विकेंद्रीकृत ढांचे में काम कर रहा है और छोटे-छोटे नेटवर्क के माध्यम से अपनी गतिविधियां संचालित कर रहा है।
इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) कर रही है। जांच एजेंसी ने 11 आरोपितों के खिलाफ लगभग 7,500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। मामले की अगली सुनवाई दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में निर्धारित है। न्यायिक प्रक्रिया अभी जारी है और अदालत का अंतिम फैसला आना बाकी है।
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में दक्षिण एशिया की सुरक्षा स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की गई है। इसमें कहा गया है कि क्षेत्रीय तनाव और सीमा पार संघर्ष जैसी परिस्थितियां आतंकी संगठनों के लिए अवसर पैदा कर सकती हैं। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि सदस्य देशों ने आशंका जताई है कि ऐसे हालात भविष्य में सुरक्षा चुनौतियों को और बढ़ा सकते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, कुछ आतंकी संगठन वित्तीय लेनदेन और संसाधनों के हस्तांतरण के लिए डिजिटल करेंसी जैसे माध्यमों का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि विभिन्न देशों की एजेंसियां ऐसे नेटवर्क पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अलकायदा और आईएसआईएल जैसे आतंकी संगठन लंबे समय से रासायनिक और जैविक हथियारों में रुचि दिखाते रहे हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार वे तकनीकी और व्यावहारिक चुनौतियों के कारण इस दिशा में सीमित सफलता ही हासिल कर पाए हैं। रिपोर्ट में ऑनलाइन प्रचार सामग्री और कथित प्रयासों का उल्लेख किया गया है, लेकिन यह भी स्पष्ट किया गया है कि सुरक्षा एजेंसियां ऐसे मामलों पर लगातार कार्रवाई कर रही हैं।
रिपोर्ट के बाद सुरक्षा एजेंसियां आतंकी गतिविधियों, वित्तीय नेटवर्क और ऑनलाइन प्रचार तंत्र पर नजर बनाए हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में अंतरराष्ट्रीय सहयोग और खुफिया सूचनाओं का आदान-प्रदान आतंकवाद से निपटने की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बना रहेगा।