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Unnao case: High Court denies bail to Kuldeep Sengar, appeal to be heard on February 3
नई दिल्ली। उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में मौत के मामले में पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने सोमवार को सजा निलंबन और जमानत की मांग को खारिज कर दिया। न्यायमूर्ति रविंदर डुडेजा की एकल पीठ ने स्पष्ट किया कि सेंगर द्वारा दाखिल की गई कई अर्जियों के कारण अपील की सुनवाई में देरी हुई है, इसलिए केवल इस आधार पर राहत नहीं दी जा सकती।
कोर्ट ने क्या कहा
पीठ ने कहा कि सेंगर अब तक लगभग साढ़े सात साल की सजा काट चुका है और कुल सजा अवधि 10 वर्ष है, लेकिन अपील पर निर्णय में हुई देरी के लिए वह स्वयं भी आंशिक रूप से जिम्मेदार है। अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि आरोपी ने अंतरिम निलंबन, जमानत बढ़ाने और सजा के नियमित निलंबन को लेकर कई आवेदन दाखिल किए थे, जिससे प्रक्रिया लंबी हुई।
जल्द सुनवाई का निर्देश
हाई कोर्ट ने कहा कि यदि अपील पर मेरिट के आधार पर शीघ्र सुनवाई की जाए, तो न्याय का उद्देश्य पूरा होगा। इसी के तहत अदालत ने सेंगर की अपील पर सुनवाई के लिए 3 फरवरी की तारीख तय कर दी है।
2019 में हुई थी दोषसिद्धि
गौरतलब है कि दिसंबर 2019 में कुलदीप सेंगर को नाबालिग पीड़िता से दुष्कर्म और उसके पिता की पुलिस हिरासत में मौत के मामले में दोषी ठहराया गया था। ट्रायल कोर्ट ने दुष्कर्म मामले में सेंगर को उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जबकि हिरासत में मौत के मामले में 10 साल कैद की सजा दी गई थी।
सुप्रीम कोर्ट की रोक
हाल ही में दुष्कर्म मामले में सजा निलंबित कर जमानत देने के दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की अपील पर रोक लगा दी थी। ऐसे में सेंगर को फिलहाल किसी भी मामले में राहत नहीं मिल सकी है।