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CG News: Vedanta Chairman Anil Agarwal's emotional statement, expressed deep sorrow over the death of 25 workers
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले स्थित सिंहितराई पावर प्लांट में 14 अप्रैल को हुए भीषण हादसे में 25 मजदूरों की जान चली गई। इस घटना ने औद्योगिक सुरक्षा और प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अनिल अग्रवाल का पहली बार विस्तृत बयान
वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने हादसे पर पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि इस साल की शुरुआत में अपने बेटे को खोने के बाद अब इस हादसे में 25 साथियों की मौत ने उन्हें भीतर से झकझोर दिया है। उन्होंने लिखा, “मैं असामयिक मृत्यु का दर्द भलीभांति समझता हूं।”
जिम्मेदारी NTPC-GE की संयुक्त कंपनी को सौंपी थी
अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि प्लांट का संचालन और जिम्मेदारी NTPC Limited और General Electric की संयुक्त कंपनी NGSL को दी गई थी।उन्होंने कहा कि कॉन्ट्रैक्टर्स, कर्मचारी और तकनीकी विशेषज्ञता सभी उसी कंपनी के पास थी, बावजूद इसके हादसा हो गया।
“ड्राइवर को गाड़ी सौंपने” जैसी दी मिसाल
अपने बयान में उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे कोई वाहन मालिक भरोसेमंद ड्राइवर को गाड़ी सौंपता है, उसी तरह वेदांता ने भी जिम्मेदारी एक अनुभवी और विश्वसनीय संस्था को सौंपी थी। उन्होंने दावा किया कि वेदांता के हर कॉन्ट्रैक्ट में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है।
बेटे और मजदूरों को दी श्रद्धांजलि
अग्रवाल ने अपने दिवंगत बेटे अग्निवेश और हादसे में मारे गए सभी मजदूरों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि सभी पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिया जा चुका है और आगे भी हर संभव मदद की जाएगी।
FIR के बाद बढ़ी मुश्किलें
यह बयान ऐसे समय में आया है जब छत्तीसगढ़ सरकार ने इस मामले में लापरवाही के आरोप में अनिल अग्रवाल समेत कई अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। जांच एजेंसियां अब हादसे के कारणों और जिम्मेदारों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं।
सुरक्षा मानकों पर उठे बड़े सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर देश के औद्योगिक प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों और निगरानी व्यवस्था को लेकर बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि जिम्मेदारी तय होने के साथ-साथ भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाना जरूरी है।