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Chhattisgarh: Vijay Sharma reviewed Naxal rehabilitation schemes and issued directives for immediate action regarding assistance to the families of martyrs and pending cases.
रायपुर। नवा रायपुर अटल नगर स्थित महानदी भवन सभागार में उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने आज नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों, पुनर्वासित युवाओं और माओवादी गतिविधियों से प्रभावित लोगों को दी जा रही सहायता एवं सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने शहीद परिवारों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने, पुनर्वासित युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने, शहीदों की स्मृति में स्मारक निर्माण और लंबित मामलों के त्वरित निराकरण को लेकर अधिकारियों को समयबद्ध निर्देश दिए।
शहीद परिवारों को 100% अनुकंपा नियुक्ति, उप मुख्यमंत्री ने जताई खुशी
बैठक में शहीद परिवारों को अनुकंपा नियुक्ति एवं शासकीय सेवा दिए जाने की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि शहीद परिवारों को शत-प्रतिशत अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की जा चुकी है। इस उपलब्धि पर उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने प्रसन्नता व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि शहीद परिवारों के प्रति शासन की जिम्मेदारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि इन परिवारों को किसी भी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने एसआईबी के डैशबोर्ड को नियमित रूप से अपडेट करने के भी निर्देश दिए, जिससे नक्सल प्रभावित परिवारों, पुनर्वासित व्यक्तियों और सहायता से जुड़े मामलों की वास्तविक स्थिति की प्रभावी मॉनिटरिंग हो सके।
109 शहीद स्मारक बनेंगे, QR कोड से मिलेगी शहीदों की पूरी जानकारी
राज्य निर्माण से अब तक माओवादी हिंसा में शहीद हुए जवानों और दिवंगत नागरिकों की स्मृति में 109 शहीद स्मारकों के निर्माण की योजना की भी समीक्षा की गई। ये स्मारक घटना स्थल अथवा संबंधित ग्रामों में बनाए जाएंगे।
उप मुख्यमंत्री ने सभी स्मारकों के लिए एक मानक डिजाइन तैयार कर निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ये स्मारक केवल स्मृति स्थल नहीं होंगे, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को शहीदों के बलिदान और नक्सल हिंसा की घटनाओं से परिचित कराने का माध्यम भी बनेंगे।
स्मारकों में QR कोड लगाए जाएंगे। इसे स्कैन करने पर संबंधित शहीद, घटना और उनके योगदान से जुड़ी विस्तृत जानकारी लोगों को मिल सकेगी।
नक्सल हिंसा से प्रभावित लोगों के लिए चलेगा विशेष अभियान
बैठक में उन मामलों की भी समीक्षा की गई, जिनमें नक्सल हिंसा में प्रभावित परिवारों तक अब तक राहत नहीं पहुंच पाई है। उप मुख्यमंत्री ने ऐसे सभी मामलों की पहचान कर विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित लोगों से आवेदन प्राप्त कर पात्र हितग्राहियों को शासन की सहायता और राहत का लाभ दिलाया जाए। कोई भी पात्र परिवार सरकारी सहायता से वंचित नहीं रहना चाहिए।
गंभीर मामलों को छोड़कर अन्य प्रकरणों का जल्द होगा निराकरण
पुनर्वासित युवाओं से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए उप मुख्यमंत्री ने यूएपीए और जनहानि जैसे गंभीर प्रकरणों को छोड़कर अन्य मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए।
उन्होंने पेशेवर अधिवक्ताओं, लोक अभियोजन अधिकारियों और शासकीय अधिवक्ताओं की टीम गठित कर सभी प्रकरणों में प्रभावी कार्रवाई करने को कहा। साथ ही मामलों के पृथक्करण की प्रक्रिया भी पूरी करने के निर्देश दिए गए, ताकि प्रत्येक मामले की प्रकृति के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा सके।
स्कूल, चौक-चौराहों और सरकारी भवनों का शहीदों के नाम पर होगा नामकरण
शहीदों के सम्मान और उनकी स्मृति को स्थायी बनाए रखने के लिए स्कूलों, चौक-चौराहों और शासकीय भवनों के नामकरण की प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां नामकरण के लिए विभागीय अनुमति आवश्यक है, वहां तत्काल अनुमति लेकर प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए और जल्द से जल्द नामकरण पूरा कराया जाए।
क्षतिपूर्ति और प्रोत्साहन राशि के लंबित मामलों का होगा समाधान
बैठक में माओवादी हिंसा में जनहानि के मामलों में मिलने वाली क्षतिपूर्ति तथा घायल जवानों और आम नागरिकों को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि की भी समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी पात्र लोगों को निर्धारित सहायता और प्रोत्साहन राशि अनिवार्य रूप से मिले। कोई भी पात्र प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहना चाहिए।
पुनर्वास केंद्रों में स्वास्थ्य, स्वच्छता और भोजन व्यवस्था पर जोर
पुनर्वास केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा करते हुए उप मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य, स्वच्छता और भोजन व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
उन्होंने मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने को कहा। कलेक्टरों को पुनर्वास केंद्रों का नियमित रूप से औचक निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि वहां रह रहे लोगों की सुविधाओं और जरूरतों की लगातार निगरानी की जा सके।
पुनर्वासित युवाओं को कौशल विकास से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी
उप मुख्यमंत्री ने पुनर्वासित युवाओं को दी जाने वाली इनाम राशि में से शेष राशि का भुगतान इस महीने के अंत तक करने के निर्देश दिए।
दूसरे राज्यों में शस्त्र त्यागकर छत्तीसगढ़ लौट रहे स्थानीय निवासियों को पुनर्वास केंद्रों से जोड़कर कौशल विकास प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया गया। इसका उद्देश्य युवाओं को पुनर्वास नीति के तहत समाज की मुख्यधारा में शामिल कर सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन का अवसर देना है।
दूसरे राज्यों के ऐसे पुनर्वासित युवा, जो अपने गृह राज्य लौटना चाहते हैं, उनके संबंध में भी संबंधित राज्यों से समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
पुनर्वास सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, सम्मानजनक जीवन देना भी लक्ष्य
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि पुनर्वास की प्रक्रिया केवल सहायता उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। पुनर्वासित लोगों को समाज में सम्मानजनक स्थान और स्थायी आजीविका उपलब्ध कराना भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने ग्राम जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर पुनर्वासित लोगों को समाज में सम्मान के साथ स्थान दिलाने, पात्र शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने और आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के निर्देश दिए।
इलवद पंचायत योजना के 50 गांवों में विकास कार्यों को मिलेगी प्राथमिकता
बैठक में इलवद पंचायत योजना के तहत चयनित 50 ग्रामों में विकास कार्यों के आबंटन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री ने चयनित सभी ग्रामों में विकास कार्यों को स्वीकृति प्रदान कर जल्द शुरू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्यों का लाभ ग्रामीणों तक शीघ्र पहुंचना चाहिए।
पुनर्वासित युवाओं की नसबंदी खुलवाने की प्रक्रिया के निर्देश
बैठक में ऐसे पुनर्वासित युवाओं का मुद्दा भी सामने आया, जिनकी नसबंदी कराई गई थी। उप मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को ऐसे युवाओं की नसबंदी खुलवाने की प्रक्रिया के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर
बैठक के अंत में पुनर्वास नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, नक्सल प्रभावित परिवारों को समयबद्ध सहायता, शहीद परिवारों के कल्याण, लंबित प्रकरणों के निराकरण और पुनर्वासित युवाओं को सम्मानजनक एवं आत्मनिर्भर जीवन उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया।
बैठक में प्रमुख सचिव गृह निहारिका बारिक, सचिव नेहा चंपावत, सचिव हिमशिखर गुप्ता, डीजी पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन पवन देव, एडीजी नक्सल विवेकानंद सिन्हा सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।