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Violence during the Jantar Mantar student protest: ACP Vivek Bhagat recounts his ordeal.
नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के दौरान हुई हिंसा को लेकर दिल्ली पुलिस के अधिकारियों का बड़ा बयान सामने आया है। ड्यूटी पर तैनात एसीपी विवेक भगत ने घटना का प्रत्यक्षदर्शी विवरण साझा करते हुए दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान भीड़ अचानक हिंसक हो गई और पुलिसकर्मियों को अलग-थलग कर उन पर हमला किया गया।
एसीपी विवेक भगत के मुताबिक, घटना के समय वे कनॉट प्लेस स्थित रीगल बिल्डिंग से संसद मार्ग, टॉल्स्टॉय मार्ग और संसद मार्ग रेड लाइट की ओर ड्यूटी के लिए जा रहे थे। इसी दौरान उन्होंने देखा कि आगे मौजूद पुलिस बल पर प्रदर्शनकारियों की ओर से पानी की बोतलें फेंकी जा रही थीं और पुलिस विरोधी व असामाजिक नारे लगाए जा रहे थे।
पुलिसकर्मी को घेरकर किया गया हमला
एसीपी भगत ने बताया कि हालात तेजी से बिगड़ते चले गए। भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने एक पुलिसकर्मी को चारों तरफ से घेर लिया था। जब उन्होंने उस पुलिसकर्मी को देखा तो उसका चेहरा पूरी तरह खून से लथपथ था और वह खुद को बचाने की कोशिश कर रहा था।
उन्होंने कहा कि जैसे ही वे घायल पुलिसकर्मी को बचाने के लिए आगे बढ़े, उग्र भीड़ ने उन्हें भी घेर लिया। उनके अनुसार, प्रदर्शनकारी बेहद आक्रामक थे और पुलिस अधिकारियों को जानबूझकर अलग-थलग कर निशाना बनाया जा रहा था।
‘भीड़ पूरी तरह हिंसक हो चुकी थी’
एसीपी विवेक भगत ने कहा कि उस समय स्थिति पूरी तरह नियंत्रण से बाहर होती दिखाई दे रही थी। भीड़ लगातार पुलिस बल पर हमला कर रही थी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में जुटे जवानों को चोट पहुंचाने की कोशिश कर रही थी। उनका कहना है कि प्रदर्शनकारियों का एक समूह सुनियोजित तरीके से पुलिसकर्मियों को अलग कर उन पर हमला कर रहा था।
हिंसा की जांच जारी
दिल्ली पुलिस ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना से जुड़े वीडियो फुटेज, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, इस घटना के बाद जंतर-मंतर और संसद मार्ग इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन हिंसा, सरकारी कर्मचारियों पर हमला और कानून-व्यवस्था भंग करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दूसरी ओर, प्रदर्शनकारी पक्ष की ओर से भी घटना को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं, जिनकी जांच जारी है।