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dr krishna mohan ram mandir trust general secretary
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक में कई प्रशासनिक और संगठनात्मक विषयों पर चर्चा की गई। करीब ढाई घंटे तक चली इस बैठक में ट्रस्ट ने बड़ा फैसला लेते हुए वरिष्ठ आईएफएस अधिकारी (सेवानिवृत्त) डॉ. कृष्ण मोहन को फिलहाल ट्रस्ट के महासचिव का कार्यभार सौंपने का निर्णय लिया। यह व्यवस्था अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी।
बैठक में मंदिर निर्माण से जुड़े कार्यों, ट्रस्ट के प्रशासनिक प्रबंधन तथा भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। हालांकि बैठक में लिए गए अन्य निर्णयों का विस्तृत ब्यौरा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। ट्रस्ट की ओर से जल्द ही आधिकारिक जानकारी जारी किए जाने की संभावना जताई गई है।
प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगे
बैठक के बाद ट्रस्ट के सदस्यों ने बताया कि डॉ. कृष्ण मोहन अब ट्रस्ट के प्रशासनिक और संगठनात्मक कार्यों का दायित्व संभालेंगे। इसे ट्रस्ट के कामकाज में निरंतरता बनाए रखने और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
देशभर के श्रद्धालुओं की नजर इस बैठक पर टिकी हुई थी, क्योंकि राम मंदिर निर्माण और उससे जुड़े फैसलों को लेकर लगातार उत्सुकता बनी रहती है।
चोरी की एफआईआर दर्ज कराने वाले भी रहे हैं कृष्ण मोहन
डॉ. कृष्ण मोहन उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के निवासी हैं। उन्हें ट्रस्ट का महासचिव नियुक्त किया गया है। उल्लेखनीय है कि राम मंदिर परिसर में हुई चोरी के मामले में एफआईआर भी कृष्ण मोहन की ओर से दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई कदम उठाए गए थे।
आईएफएस अधिकारी रहे हैं डॉ. कृष्ण मोहन
डॉ. कृष्ण मोहन का जन्म सितंबर 1952 में उत्तर प्रदेश के बरेली में हुआ था। उनके पिता रेलवे में अधिकारी थे, जबकि उनका मूल निवास हरदोई जिले के शाहाबाद क्षेत्र के सिकंदरपुर बाजार में है।
उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से एमएससी की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद लगभग पांच वर्ष तक एटॉमिक एनर्जी विभाग में वैज्ञानिक के रूप में कार्य किया। बाद में उनका चयन भारतीय वन सेवा (IFS) में हुआ और उन्हें महाराष्ट्र कैडर मिला। उन्होंने लंबे समय तक वन विभाग में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं। सेवानिवृत्ति के बाद वे सामाजिक और जनसेवा के कार्यों से जुड़े रहे।
ट्रस्ट की ओर से जल्द आ सकती है आधिकारिक जानकारी
बैठक में मंदिर निर्माण की प्रगति, ट्रस्ट के प्रशासनिक कार्यों और अन्य व्यवस्थाओं पर भी चर्चा हुई। ट्रस्ट ने फिलहाल केवल महासचिव के कार्यभार को लेकर निर्णय की जानकारी दी है। अन्य प्रस्तावों और फैसलों का विस्तृत विवरण आधिकारिक घोषणा के बाद सामने आने की उम्मीद है।