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Weather Update: Heavy rains wreak havoc in the East and Northeast; over 30 houses destroyed by landslides in Sikkim... 10,000 people in relief centers in Odisha.
Weather Update:देश के पूर्वी और पूर्वोत्तर हिस्सों में लगातार हो रही भारी बारिश से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। सिक्किम में भूस्खलन से कई घरों को नुकसान पहुंचा है, जबकि ओडिशा में भारी बारिश और नदियों के उफान के बीच हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। पश्चिम बंगाल के पहाड़ी इलाकों में भी भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं।
सिक्किम में भूस्खलन से 30 से ज्यादा घर क्षतिग्रस्त
सिक्किम के ग्यालशिंग जिले के रिंबी गांव में गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात भारी भूस्खलन हुआ। पहाड़ी से मलबा आने के कारण 30 से अधिक घर क्षतिग्रस्त हो गए। घटना के बाद प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान चलाया गया।भूस्खलन के बाद गांव में बड़ी मात्रा में मलबा जमा हो गया, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई शुरू की है।
ओडिशा में भी लगातार बारिश से कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। शुक्रवार को राज्य में 24 से अधिक स्थानों पर 100 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। भारी बारिश के चलते कई इलाकों में स्कूल बंद करने पड़े।निचले और भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों से करीब 10 हजार लोगों को निकालकर 200 राहत केंद्रों में पहुंचाया गया है। राहत और बचाव कार्य में ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स की 33 टीमें और फायर सर्विस की 300 से अधिक टीमें तैनात हैं।
बालासोर जिले में जलका और बुधबलंगा नदियां तथा जाजपुर में बैतरणी और कानी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। कंधमाल जिले में भूस्खलन के कारण करीब 200 मीटर लंबी गार्डवॉल ढह गई।भारी बारिश का असर सड़क और रेल यातायात पर भी पड़ा है। कई जगह संपर्क मार्ग बाधित होने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
पश्चिम बंगाल के पहाड़ी जिलों दार्जिलिंग और कालिम्पोंग में भी बारिश के बीच भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं। तकदाह ग्रामीण अस्पताल के पास हुए भूस्खलन में एक मरीज का तीमारदार घायल हो गया।प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जा रही है और लोगों को मौसम खराब होने की स्थिति में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
देश में घरेलू एलपीजी कनेक्शनों की संख्या में एक दशक से ज्यादा समय बाद पहली बार कमी दर्ज की गई है। तेल मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल की शुरुआत में सक्रिय घरेलू एलपीजी ग्राहक करीब 33.39 करोड़ थे, जो सितंबर की शुरुआत तक घटकर 32.77 करोड़ रह गए। यानी करीब 62 लाख ग्राहकों की कमी आई।इस गिरावट की एक वजह आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए निष्क्रिय ग्राहकों और एक परिवार के नाम पर कई कनेक्शनों की पहचान को माना जा रहा है। वहीं, पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण एलपीजी आपूर्ति प्रभावित होने के बीच तेल कंपनियों ने नए कनेक्शन जारी करने पर भी रोक लगाई थी।
आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल से सितंबर के बीच दक्षिण भारत में एलपीजी ग्राहकों की संख्या में करीब 26.3 लाख की कमी आई। दूसरी ओर पाइप्ड नेचुरल गैस यानी PNG के ग्राहकों की संख्या अप्रैल से जुलाई के बीच करीब 6 लाख बढ़कर 1.75 करोड़ हो गई।
छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में पांच दिन पहले ट्रांसफार्मर फटने से झुलसे तीन किसानों की इलाज के दौरान मौत हो गई। हादसा दाढ़ी थाना क्षेत्र के ग्राम हेमाबंद खार में 20 सितंबर की सुबह करीब 8:30 से 9 बजे के बीच हुआ था।मृतकों की पहचान मोहतरा निवासी राधेश्याम चंद्राकर (50), उनके बेटे छन्नू चंद्राकर (32) और ईश्वर पटेल (60) के रूप में हुई है। तीनों को गंभीर हालत में रायपुर के मेकाहारा अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
राधेश्याम चंद्राकर और उनके बेटे छन्नू की मौत गुरुवार सुबह हुई, जबकि ईश्वर पटेल ने दोपहर में दम तोड़ दिया। हादसे के बाद से तीनों का अस्पताल में इलाज चल रहा था।ग्रामीणों के मुताबिक गांव में अटल ज्योति योजना की बिजली लंबे समय से बंद थी। इससे खेतों में खड़ी फसल की सिंचाई प्रभावित हो रही थी। इसी दौरान ट्रांसफार्मर से जुड़ी घटना में तीनों किसान झुलस गए थे।