

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Why externment for the 'Down with the BJP government' slogan? Bombay High Court severely reprimands Mumbai Police.
मुंबई। बॉम्बे हाई कोर्ट ने 'भाजपा सरकार मुर्दाबाद' जैसे नारे लगाने के मामले में जारी तड़ीपार आदेश पर गुरुवार को मुंबई पुलिस को कड़ी फटकार लगाई। सुनवाई के दौरान जस्टिस माधव जामदार ने कहा कि विरोध प्रदर्शन करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और केवल सरकार विरोधी नारे लगाने के आधार पर किसी के खिलाफ ऐसी कार्रवाई उचित नहीं ठहराई जा सकती।
सुनवाई के दौरान जस्टिस जामदार ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा, "क्या सभी नागरिकों को भारत सरकार का गुलाम बनाया जा रहा है? वे विरोध नहीं कर सकते, आंदोलन नहीं कर सकते…यह सब क्या है? इतने सारे पेपर लीक हुए हैं। अगर लोग विरोध करेंगे तो उन पर केस थोप दिए जाएंगे? विरोध करना नागरिकों का अधिकार है।"
उन्होंने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता ने केवल 'भाजपा सरकार मुर्दाबाद' जैसे नारे लगाए थे और सवाल किया कि ऐसे नारों के लिए तड़ीपार का आदेश कैसे जारी किया जा सकता है।
यह मामला सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) के महासचिव सईद अहमद अब्दुल वाहिद चौधरी (49) से जुड़ा है। मुंबई पुलिस ने उनके खिलाफ तड़ीपार का आदेश जारी किया था। पुलिस का आरोप है कि सईद अहमद सीएए, ज्ञानवापी विवाद समेत केंद्र सरकार के विभिन्न फैसलों के खिलाफ लगातार मोर्चे और धरने आयोजित कर रहे थे।
सुनवाई के दौरान जस्टिस जामदार ने महाराष्ट्र की राजनीति पर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, "आपके खिलाफ कुछ एफआईआर हैं…पाला बदलने पर विचार करें, वहां एक वॉशिंग मशीन है। वैसे भी पूरे महाराष्ट्र में हॉर्स ट्रेडिंग चल रही है।"
उन्होंने यह भी कहा कि एक 10 वर्षीय बच्चे की सड़क दुर्घटना में मौत जैसे गंभीर मुद्दों के बजाय विधानसभा में राजनीतिक उठापटक पर चर्चा हो रही है, जो चिंताजनक है।
जस्टिस जामदार ने मुंबई पुलिस को चेताते हुए कहा, “पुलिस मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री की नौकर नहीं है, वह जनता की सेवक है। मैं आपके अधिकारियों पर भारी जुर्माना लगाने जा रहा हूं।”