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Zonal Commissioner unable to provide a clear response on the progress of PM Awas; Principal Secretary Sonmani Borah reprimands her... orders issued to serve notices to two engineers.
रायपुर। रायपुर नगर निगम के कामकाज की समीक्षा बैठक में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति के संबंध में संतोषजनक जानकारी नहीं मिलने पर उन्होंने जोन आठ की आयुक्त राजेश्वरी पटेल से जवाब-तलब किया। वहीं, निविदा प्रक्रिया में देरी और विकास कार्यों की धीमी रफ्तार को गंभीरता से लेते हुए प्रभारी कार्यपालन अभियंता योगेश कडू और अधीक्षण अभियंता इमरान खान के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।सिविल लाइन स्थित नवीन विश्राम भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव ने स्पष्ट किया कि गरीब परिवारों के लिए बनाए जा रहे आवासों की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्यों में लापरवाही से बचने, निर्धारित समय-सीमा का पालन करने और योजनाओं की प्रगति से जुड़े सवालों का स्पष्ट जवाब देने की हिदायत दी।
प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा के दौरान प्रमुख सचिव ने जोन आठ की आयुक्त राजेश्वरी पटेल से निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी मांगी। बताया गया कि वे इस संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं दे सकीं। इस पर बोरा ने नाराजगी जताई और अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया।बैठक में गरीब परिवारों के लिए बनाए जा रहे मकानों की गुणवत्ता का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। हाल ही में रायपुर के कचना क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्मित मकानों की गुणवत्ता को लेकर विवाद सामने आया था। ऐसे में प्रमुख सचिव ने स्पष्ट किया कि आवास निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल या लापरवाही की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
नगर निगम के विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान निविदा प्रक्रिया और योजनाओं के क्रियान्वयन में सुस्ती पर भी नाराजगी सामने आई। जेम पोर्टल पर निविदा प्रक्रिया में देरी के मामले में प्रभारी कार्यपालन अभियंता योगेश कडू को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। इसी तरह नगरोत्थान योजना के कार्यों की धीमी प्रगति को लेकर अधीक्षण अभियंता इमरान खान को भी नोटिस देने के लिए कहा गया।प्रमुख सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विकास परियोजनाओं को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। कार्यों की नियमित समीक्षा हो और किसी भी स्तर पर देरी होने की स्थिति में उसकी वजह स्पष्ट की जाए। उन्होंने गुणवत्ता और समय-सीमा, दोनों को विकास कार्यों का अनिवार्य हिस्सा बताया।
शहर में सफाई व्यवस्था की स्थिति पर भी प्रमुख सचिव ने असंतोष व्यक्त किया। बैठक के दौरान उन्होंने गंदगी वाली तस्वीरें दिखाकर संबंधित अधिकारियों को व्यवस्था में सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सफाई जैसे बुनियादी कामों में लापरवाही सीधे नागरिकों के जीवन को प्रभावित करती है, इसलिए मैदानी स्तर पर निगरानी बढ़ाना जरूरी है।जोन आयुक्तों, उपायुक्तों और अपर आयुक्तों को प्रतिदिन सुबह क्षेत्र का निरीक्षण करने और उसकी रिपोर्ट साझा करने के लिए कहा गया। प्रमुख सचिव ने स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी बेहतर बनाने के लिए आवश्यक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश भी दिए।
समीक्षा बैठक में बोरा ने अधिकारियों को नागरिकों की समस्याओं के समाधान के प्रति अधिक संवेदनशील और जवाबदेह रहने को कहा। उन्होंने ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म और एयरलाइन कंपनियों की कार्यप्रणाली का उदाहरण देते हुए समझाया कि सेवाओं से जुड़ी शिकायतों का समय पर निराकरण कितना महत्वपूर्ण है।उन्होंने निर्देश दिए कि नागरिकों की शिकायतों को लंबित रखने के बजाय उनका तय समय-सीमा के भीतर समाधान किया जाए। निदान-1100 के माध्यम से मिलने वाली शिकायतों पर भी नियमित निगरानी रखने और कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया।
शहर में चल रही अधोसंरचना परियोजनाओं को गति देने के लिए प्रमुख सचिव ने मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना, अधोसंरचना मद और 15वें वित्त आयोग के तहत स्वीकृत कार्यों की समीक्षा की। मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत शीतला तालाब के गहरीकरण और सौंदर्याकरण का काम मार्च तक पूरा करने के निर्देश दिए गए।इसके अलावा नए नालंदा परिसर में दिव्यांगजनों की जरूरतों के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। जल शोधन संयंत्रों और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में बिजली की खपत कम करने वाली तकनीक अपनाने के निर्देश भी दिए गए, ताकि संचालन अधिक प्रभावी और किफायती बनाया जा सके।
समीक्षा बैठक में नगरीय प्रशासन विभाग के संचालक नीलेश क्षीरसागर, सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमीत अग्रवाल, नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा, अपर संचालक पुलक भट्टाचार्य, क्षेत्रीय कार्यालय के संयुक्त संचालक एसके सुंदरानी और मुख्य अभियंता राजेश शर्मा सहित निगम के अपर आयुक्त, उपायुक्त, अभियंता तथा सभी जोनों के आयुक्त उपस्थित रहे।बैठक में दिए गए निर्देशों से स्पष्ट है कि नगर निगम के आवास निर्माण, सफाई, निविदा प्रक्रिया और नागरिक सेवाओं से जुड़े कार्यों की निगरानी कड़ी करने पर जोर दिया गया है। अब संबंधित अधिकारियों के सामने योजनाओं की प्रगति में सुधार करने और लंबित कार्यों को तय समय-सीमा में पूरा करने की चुनौती है।