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जबलपुर। (Bargi Dam cruise accident) मध्य प्रदेश के मशहूर पर्यटन स्थल बरगी बांध में हुए क्रूज हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। 15 साल से चल रही इस क्रूज सर्विस में सुरक्षा मानकों की जिस तरह धज्जियां उड़ाई गईं, उसने 9 परिवारों के चिराग बुझा दिए। प्रत्यक्षदर्शियों और जीवित बचे लोगों के बयानों ने पर्यटन विभाग के दावों की पोल खोल दी है।
चश्मदीदों की जुबानी
(Jabalpur boat accident news ) हादसे में अपनी पत्नी को खोने वाले जूलियस और लापता परिजनों की तलाश में भटकते उनके दामाद की कहानी रूह कंपा देने वाली है। जूलियस का आरोप है कि क्रूज पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे। जब नाव डूबने लगी, तब अफरा-तफरी के बीच लाइफ जैकेट बांटे गए। वहीं प्रिया शर्मा ने बताया कि क्रूज पर पर्यटकों को 'ठूंस-ठूंसकर' भरा गया था और रेलिंग इतनी असुरक्षित थी कि कोई भी बच्चा गिर सकता था।
भोपाल हादसे से नहीं ली सीख
(MP Tourism negligence Bargi Dam) यह घटना 2022 में भोपाल की 'अपर लेक' में हुए हादसे की याद दिलाती है। तब भी क्रूज आंशिक रूप से डूबा था और सरकार ने सख्त ऑडिट, मजबूत रेलिंग और अनिवार्य लाइफ जैकेट का वादा किया था। लेकिन बरगी की घटना बताती है कि वे वादे केवल कागजों तक सीमित रहे। नियमित ऑडिट की कमी और नियमों के उल्लंघन ने इस बड़े हादसे की जमीन तैयार की।
सोशल मीडिया पर वायरल: वो 10 सवाल जिनका जवाब जरूरी है
(Narmada River cruise accident ) हादसे के बाद सोशल मीडिया पर हरिओम चौबे और हरप्रीत कौर रिन जैसे जागरूक नागरिकों ने प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया है। जांच कमेटी को इन 10 बिंदुओं पर जवाब तलाशने होंगे।
1. मौसम विभाग के 'येलो अलर्ट' और आंधी की चेतावनी के बावजूद क्रूज को पानी में उतारने की अनुमति किसने दी?
2. क्या क्रूज पर मौसम की तत्काल जानकारी लेने का कोई आधुनिक सिस्टम था?
3. रवाना होने से पहले क्या लाइफ जैकेट और आपातकालीन उपकरणों की जांच हुई थी?
4. क्या हवा की एक निश्चित गति के बाद संचालन रोकने का कोई नियम तय था?
5. क्या कैप्टन को यात्रा रद्द करने का अधिकार था या उन पर ट्रिप पूरी करने का व्यावसायिक दबाव था?
6. क्षमता से अधिक सवारियां बिठाने की अनुमति किसने दी?
7. क्या क्रूज का नियमित तकनीकी निरीक्षण (Fitness Audit) किया जा रहा था?
8. क्या बांध के पास SDRF/NDRF की टीमें या रेस्क्यू बोट्स पहले से तैनात थीं?
9. क्या मौजूद स्टाफ को आपदा की स्थिति में लोगों को बचाने की ट्रेनिंग दी गई थी?
10. क्या पर्यटन विभाग के पास खराब मौसम के लिए कोई 'स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर' था।
हरप्रीत कौर रिन का कहना है कि, कल जबलपुर में मौसम विभाग का यलो अलर्ट था उसके बावजूद क्रूज पानी में उतारा। लाइफ जैकेट यह कभी ऑफर नही करते और न ही इतनी संख्या में क्रूज पर होती है। हर साल क्रूज की टिकिट की कीमत बढ़ती है। लेकिन इस तरह की स्थिति से निपटने इंतज़ाम क्या होते है यह सबके सामने हैं।
(Jabalpur cruise boat capsized ) मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है और प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिया है। जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के नेतृत्व में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया, जिसमें 18 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। हालांकि, जनता अब केवल 'मुआवजे' और 'जांच के आदेश' से संतुष्ट नहीं है; वे जवाबदेही और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
(Bargi Dam tragedy 2026 ) नर्मदा नदी पर स्थित बरगी बांध मध्य प्रदेश का एक महत्वपूर्ण जल विद्युत केंद्र है। 1990 में बनकर तैयार हुआ यह बांध अपनी खूबसूरती के लिए जाना जाता है, लेकिन सुरक्षा में चूक ने इसकी पहचान पर एक काला धब्बा लगा दिया है।