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छत्तीसगढ़ की सियासत इन दिनों भाजपा के भीतर चल रहे कथित ‘ऑडियो वॉर’ को लेकर गरमा गई है। वायरल ऑडियो क्लिप्स ने जहां सत्ताधारी दल के भीतर खलबली मचा दी है, वहीं अब इस पूरे विवाद पर पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel का बड़ा और तीखा बयान सामने आया है। बघेल ने भाजपा विधायक Renuka Singh की कथित नाराजगी और पार्टी के भीतर उनकी उपेक्षा को लेकर सीधे भाजपा संगठन पर निशाना साधा है।
दरअसल, शनिवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुए पहले कथित ऑडियो में यह दावा किया गया था कि “अगली बार कांग्रेस की सरकार बनेगी और भूपेश बघेल मुख्यमंत्री बनेंगे।” इस ऑडियो के सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति में भूचाल आ गया। विवाद तब और गहरा गया जब दूसरा ऑडियो भी सामने आया और भाजपा के भीतर अंदरूनी खींचतान की चर्चाएं तेज हो गईं।
विधायक रेणुका सिंह द्वारा दोनों ऑडियो को “AI Generated” बताए जाने के दावे पर तंज कसते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि अब तक लोग वीडियो में एआई तकनीक के इस्तेमाल की बातें सुनते थे, लेकिन अब ऑडियो भी एआई से तैयार होने लगे हैं।
उन्होंने मीडिया से चर्चा में कहा, “आज तक हमने वीडियो में एआई जनरेटेड तकनीक देखी थी, जहां किसी के चेहरे के साथ छेड़छाड़ की जाती है। लेकिन अब अगर किसी की आवाज में कोई और बोल रहा है और उसे एआई कहा जा रहा है, तो यह बेहद गंभीर मामला है। अगर वास्तव में ऐसा हुआ है तो तत्काल एफआईआर होनी चाहिए और सच्चाई सामने आनी चाहिए।”
भूपेश बघेल ने इस बयान के जरिए भाजपा पर अप्रत्यक्ष हमला करते हुए यह संकेत देने की कोशिश की कि पार्टी के भीतर कुछ न कुछ गंभीर असंतोष जरूर चल रहा है।
“रेणुका जी नाराज रहती हैं, विधानसभा भी नहीं आतीं”
पूर्व मुख्यमंत्री ने रेणुका सिंह के साथ अपने पुराने राजनीतिक संबंधों का जिक्र करते हुए बेहद चुटीले अंदाज में कहा कि शायद यह उनके मन की बात थी जो जुबान पर आ गई।
बघेल ने कहा, “रेणुका जी हमारी बहुत पुरानी साथी हैं। लंबे समय तक हम लोग विधानसभा में साथ रहे। वे लोकसभा गईं, केंद्रीय मंत्री भी रहीं और अब फिर विधानसभा में हैं। लेकिन आजकल वे विधानसभा नहीं आतीं, नाराज रहती हैं। मुझे तो लगता है कि जो उनके दिल में था, वही जुबां पर आ गया।”
भूपेश के इस बयान को भाजपा के भीतर असंतोष की ओर इशारा माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में इसे भाजपा की अंदरूनी गुटबाजी से जोड़कर देखा जा रहा है।
इस पूरे विवाद के बीच सबसे ज्यादा चर्चा भाजपा नेतृत्व की चुप्पी को लेकर हो रही है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और संगठन के दोनों प्रदेश महामंत्री अब तक इस मामले में खुलकर कुछ भी बोलने से बचते नजर आ रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर विधायक रेणुका सिंह और उनके समर्थकों ने मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई है। इसके बावजूद भाजयुमो के जिला महामंत्री मनोज साहू द्वारा दूसरा कथित ऑडियो जारी किए जाने से विवाद और बढ़ गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा इस समय बेहद संवेदनशील दौर से गुजर रही है। प्रदेश में मंत्रियों के प्रदर्शन को लेकर कैबिनेट फेरबदल की चर्चाएं पहले से ही जोरों पर हैं। ऐसे समय में पार्टी के भीतर सामने आया यह ‘ऑडियो वॉर’ संगठन के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकता है।
भाजपा के भीतर कथित असंतोष और वायरल ऑडियो विवाद को कांग्रेस अब बड़ा राजनीतिक हथियार बनाने की कोशिश में है। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि भाजपा के भीतर सबकुछ ठीक नहीं चल रहा और सत्ता संघर्ष खुलकर सामने आने लगा है।
अब नजर इस बात पर टिकी है कि भाजपा आलाकमान इस विवाद पर क्या रुख अपनाता है और क्या पार्टी इस ‘ऑडियो वॉर’ से पैदा हुए नुकसान की भरपाई कर पाएगी या नहीं।