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bilaspur airport flights summer schedule 2026
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित बिलासा देवी केंवट एयरपोर्ट से हवाई सेवाओं को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बन गई है। एलायंस एयर की उड़ानों का विंटर शेड्यूल 28 मार्च को समाप्त हो रहा है, लेकिन अब तक समर शेड्यूल जारी नहीं किया गया है। ऐसे में 28 मार्च के बाद उड़ानों का संचालन जारी रहेगा या नहीं, इस पर संशय बना हुआ है।
आमतौर पर एयरलाइंस कंपनियां हर 6 महीने में विंटर और समर शेड्यूल जारी करती हैं। लेकिन इस बार निर्धारित समय के करीब पहुंचने के बावजूद नया शेड्यूल सामने नहीं आया है। एयरपोर्ट प्रबंधन भी इस मामले में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रहा है। एलायंस एयर के स्थानीय मैनेजर प्रसन्न सोनी के अनुसार, समर शेड्यूल हेड ऑफिस से जारी किया जाएगा और फिलहाल उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है।
जानकारों के मुताबिक, रीवा (मध्यप्रदेश) रूट पर अधिक वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) मिलने के कारण एलायंस एयर का फोकस वहां बढ़ गया है। वहीं बिलासपुर-कोलकाता फ्लाइट को जबलपुर-कोलकाता रूट से संचालित करने की चर्चा भी चल रही है। इससे बिलासपुर से संचालित उड़ानों में कटौती और रूट परिवर्तन की संभावना जताई जा रही है। पहले जहां सप्ताह में 6 दिन उड़ानें संचालित होती थीं, उन्हें घटाकर 4 दिन कर दिया गया है।
हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने इस मुद्दे को लेकर सक्रियता बढ़ा दी है। समिति के पदाधिकारी लगातार जनप्रतिनिधियों से संपर्क कर रहे हैं। अब तक उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विधायक अमर अग्रवाल और केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू को इस स्थिति से अवगत कराया जा चुका है। समिति ने एयरपोर्ट पर जारी महाधरना के जरिए भी अपनी मांगें रखी हैं।
समिति का कहना है कि सीमित उड़ानों के बावजूद पिछले 4 वर्षों में करीब 1.5 लाख यात्री बिलासपुर एयरपोर्ट से यात्रा कर चुके हैं। शहर में हाईकोर्ट, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे और SECL मुख्यालय जैसे बड़े संस्थान मौजूद हैं, जिससे यहां हवाई यात्रा की पर्याप्त मांग है। ऐसे में उड़ानों को लेकर अनिश्चितता पैदा करना उचित नहीं है।
समिति ने मांग की है कि बिलासपुर से दिल्ली और प्रयागराज के लिए नियमित उड़ानें सुनिश्चित की जाएं। साथ ही हैदराबाद के लिए नई फ्लाइट शुरू करने की भी मांग रखी गई है।
समिति ने एलायंस एयर को सुझाव दिया है कि उड़ानों का समय सुबह 10 बजे से पहले और शाम 5 बजे के बाद रखा जाए। इससे गर्मी के मौसम में तापमान अधिक होने के कारण यात्रियों की संख्या कम करने की समस्या (लोड पेनल्टी) से बचा जा सकेगा। यदि ऐसा नहीं किया गया, तो 40 डिग्री से अधिक तापमान में विमानों में यात्रियों की संख्या घटानी पड़ेगी, जिससे राज्य सरकार पर सब्सिडी का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
बिलासपुर एयरपोर्ट से हवाई सेवाओं को लेकर बनी यह अनिश्चितता यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बन गई है। अब सभी की नजरें एलायंस एयर के समर शेड्यूल पर टिकी हैं, जिससे आगे की स्थिति स्पष्ट हो सके।