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बिलासपुर। चकरभाठा स्थित बिलासा एयरपोर्ट पर शुक्रवार को लैंडिंग के दौरान एलायंस एयर के विमान का टायर फटने की घटना के बाद रविवार को विमान सेवा फिर से बहाल हो गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली से पहुंचे DGCA के अधिकारी धीरज कुमार ने एयरपोर्ट पर पहुंचकर विमान के क्षतिग्रस्त हिस्सों के साथ-साथ पूरे रनवे का बारीकी से निरीक्षण किया। तकनीकी जांच और रनवे के परीक्षण के बाद उन्होंने विमान संचालन के लिए रनवे को सुरक्षित बताया। इसके बाद दो दिन से प्रभावित उड़ान सेवा को दोबारा शुरू किया गया।
रविवार को प्रयागराज से आई फ्लाइट ने बिलासा एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की, जबकि शाम को बिलासपुर से दिल्ली के लिए उड़ान भी रवाना हुई। दिल्ली जाने वाली फ्लाइट में सभी सीटें लगभग पूरी तरह भरी हुई थीं। इससे यात्रियों को बड़ी राहत मिली और घटना के कारण उनकी यात्रा ज्यादा प्रभावित नहीं हुई।
लैंडिंग के दौरान अचानक फटा था विमान का टायर
दरअसल, शुक्रवार दोपहर करीब 12:30 बजे दिल्ली से बिलासपुर पहुंची एलायंस एयर की फ्लाइट 7आई-613 के साथ यह घटना हुई थी। विमान जब बिलासा एयरपोर्ट के रनवे पर लैंड कर रहा था, तभी उसके बाईं ओर का टायर अचानक पंक्चर हो गया। टायर फटने के बाद विमान रनवे पर रुक गया।
विमान में उस समय 37 यात्री और चार क्रू मेंबर सवार थे। गनीमत रही कि विमान सुरक्षित तरीके से रुक गया और किसी भी यात्री या क्रू मेंबर को चोट नहीं आई। हालांकि घटना के बाद एयरपोर्ट प्रबंधन और विमानन अधिकारियों में हड़कंप मच गया था।
घटना के बाद विमान को रनवे से हटाकर एप्रन क्षेत्र में खड़ा कर दिया गया था। सुरक्षा के लिहाज से नियमित उड़ान संचालन भी रोक दिया गया था।
DGCA अधिकारी ने की विमान की बारीकी से जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए DGCA ने मामले की जांच शुरू की। रविवार सुबह DGCA अधिकारी धीरज कुमार चकरभाठा स्थित बिलासा एयरपोर्ट पहुंचे। उनके आने की सूचना पहले ही एयरपोर्ट प्रबंधन को दे दी गई थी। इसके चलते एयरपोर्ट के जिम्मेदार अधिकारी और एलायंस एयर के इंजीनियर भी मौके पर मौजूद रहे।
एलायंस एयर के करीब सात इंजीनियर शनिवार से ही विमान की मरम्मत के लिए एयरपोर्ट पर मौजूद थे। DGCA अधिकारी ने सबसे पहले एयरपोर्ट प्रबंधन और संबंधित कर्मचारियों से घटना की पूरी जानकारी ली। विमान की लैंडिंग के दौरान क्या हुआ, विमान किस स्थिति में था और घटना के बाद किन प्रक्रियाओं का पालन किया गया, इसकी जानकारी भी ली गई।
इसके बाद अधिकारी सीधे एप्रन पहुंचे, जहां क्षतिग्रस्त विमान को रखा गया था। उन्होंने केवल पंक्चर हुए टायर की ही जांच नहीं की, बल्कि विमान के अन्य तकनीकी हिस्सों का भी निरीक्षण किया। विमान की तकनीकी स्थिति, मेंटेनेंस रिकॉर्ड और उससे जुड़ी प्रक्रियाओं की भी जानकारी ली गई।
रनवे का भी किया गया पूरा निरीक्षण
विमान की जांच पूरी करने के बाद DGCA अधिकारी एयरपोर्ट प्रबंधन के अधिकारियों के साथ रनवे पर पहुंचे। उन्होंने उस हिस्से का विशेष रूप से निरीक्षण किया, जहां विमान लैंडिंग के बाद रुका था। इसके अलावा पूरे रनवे की स्थिति का भी जायजा लिया गया।
निरीक्षण के बाद रनवे को विमान संचालन के लिए उपयुक्त पाया गया। अधिकारी की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद ही एयरपोर्ट पर दोबारा उड़ान संचालन शुरू किया गया।
इसके बाद प्रयागराज से आने वाली फ्लाइट को बिलासा एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंड कराया गया। बाद में शाम को बिलासपुर से दिल्ली के लिए भी फ्लाइट रवाना हुई। इस उड़ान में यात्रियों की अच्छी संख्या रही और दिल्ली जाने वाली फ्लाइट की सीटें पूरी तरह भरी थीं।
दो नए टायर लगाए गए, दो और आने की उम्मीद
दुर्घटना के बाद क्षतिग्रस्त विमान की मरम्मत का काम एलायंस एयर के इंजीनियर कर रहे हैं। शनिवार को इंजीनियर अपने साथ विमान के लिए दो नए टायर लेकर पहुंचे थे, जिन्हें विमान में लगा दिया गया है।
वहीं दो अन्य टायर भी अगले एक-दो दिनों में आने की उम्मीद है। इनके अलावा विमान के ब्रेक और सेंसर से जुड़े हिस्सों को भी बदला जाना है।
जरूरी उपकरण नहीं पहुंच पाने से मरम्मत में आ रही दिक्कत
विमान की मरम्मत के दौरान कुछ तकनीकी अड़चनें भी सामने आ रही हैं। सबसे बड़ी समस्या जरूरी उपकरणों और तकनीकी सामान को बिलासपुर तक पहुंचाने की है।
इसी वजह से एलायंस एयर की कोशिश है कि विमान को इतनी स्थिति में रिपेयर कर लिया जाए कि वह सुरक्षित तरीके से दिल्ली तक उड़ान भर सके। इसके बाद विमान को दिल्ली ले जाकर वर्कशॉप में विस्तृत मरम्मत की जा सकेगी। दिल्ली में जरूरी उपकरण और तकनीकी सुविधाएं आसानी से उपलब्ध होने के कारण वहां विमान के उन हिस्सों को भी बदला जा सकेगा, जिन्हें यहां बदलना मुश्किल है।
ब्रेक फेल होने की आशंका, जांच के बाद सामने आएगी असली वजह
प्रारंभिक तौर पर घटना की एक संभावित वजह ब्रेक से जुड़ी तकनीकी खराबी बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि विमान को रोकने के लिए पायलट ने उपलब्ध ब्रेकिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया और विमान को रनवे पर सुरक्षित रोक लिया।
यदि उस समय पायलट की ओर से थोड़ी भी हड़बड़ी या चूक होती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वास्तव में टायर फटने की वजह क्या थी और विमान की ब्रेकिंग प्रणाली में कोई तकनीकी खराबी थी या नहीं।
DGCA अधिकारी ने विमान के तकनीकी हिस्सों और रनवे दोनों का निरीक्षण किया है। अब जांच के दौरान सामने आने वाले तकनीकी तथ्यों, मेंटेनेंस रिकॉर्ड और अन्य रिपोर्टों का अध्ययन किया जाएगा। DGCA की जांच रिपोर्ट के बाद ही घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल सबसे बड़ी राहत यह है कि दो दिन तक प्रभावित रहने के बाद बिलासा एयरपोर्ट से नियमित उड़ान सेवा दोबारा शुरू हो गई है और यात्रियों की आवाजाही सामान्य हो गई है।