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रायपुर। छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षकों की लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर आंदोलन तेज होने जा रहा है। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन ने सरकार के साथ हुई वार्ता बेनतीजा रहने के बाद 15 जुलाई को विधानसभा घेराव करने की घोषणा की है। फेडरेशन का कहना है कि यदि सरकार जल्द मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र राठौर ने बताया कि मानसून सत्र के दौरान विधानसभा घेराव कर सरकार को चुनावी वादों की याद दिलाई जाएगी। उनका कहना है कि सरकार ने सत्ता में आने से पहले सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर करने और क्रमोन्नत वेतनमान देने का वादा किया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
वीएसके ऐप की तकनीकी खामियों पर भी उठाए सवाल
फेडरेशन ने वीएसके (VSK) ऐप में आ रही तकनीकी समस्याओं को लेकर भी नाराजगी जताई है। पदाधिकारियों का कहना है कि तकनीकी दिक्कतों के कारण कई शिक्षक समय पर स्कूल पहुंचने के बावजूद अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में वेतन कटौती की चेतावनी देना उचित नहीं है। संगठन ने मांग की है कि पहले ऐप की तकनीकी खामियों को दूर किया जाए, उसके बाद ही किसी प्रकार की कार्रवाई की जाए।
टीईटी को लेकर भी जताई चिंता
फेडरेशन ने टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) के मुद्दे पर भी सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। संगठन का कहना है कि वर्ष 2017 में शिक्षा का अधिकार अधिनियम में संशोधन के बाद सेवारत शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य योग्यता बनी, लेकिन उन्हें समय पर स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं दिए गए। अब 30 अगस्त 2028 तक पात्रता हासिल करने की समय-सीमा होने के बावजूद वरिष्ठ शिक्षकों के पदोन्नति से वंचित होने की आशंका है। फेडरेशन ने अन्य राज्यों की तर्ज पर विभागीय टीईटी आयोजित कर सेवारत शिक्षकों को आवश्यक पात्रता दिलाने की मांग की है।
सचिव से हुई चर्चा, नहीं बनी सहमति
सोमवार को फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव से मुलाकात कर सात सूत्रीय मांगों पर विस्तृत चर्चा की और ज्ञापन सौंपा। हालांकि, बैठक में किसी भी मांग पर सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद संगठन ने 15 जुलाई को विधानसभा घेराव का निर्णय लिया।
फेडरेशन का कहना है कि आंदोलन का उद्देश्य शिक्षकों की जायज मांगों को सरकार तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है। यदि सरकार जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।