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भिलाई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रविवार को अपनी धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय के साथ भिलाई नगर के जयंती स्टेडियम के समीप आयोजित सात दिवसीय शिव महापुराण कथा के अंतिम दिन शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने विधि-विधान से व्यासपीठ की पूजा-अर्चना की और भगवान भोलेनाथ से छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, शांति और प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की।

विशाल संख्या में मौजूद शिवभक्तों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि माता कौशल्या की जन्मभूमि और प्रभु श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ की इस्पात नगरी भिलाई में पिछले सात दिनों से शिवभक्ति की अविरल धारा प्रवाहित हो रही है। यह सभी के लिए सौभाग्य का अवसर है। शिव महापुराण कथा के माध्यम से हजारों श्रद्धालुओं को धर्म, अध्यात्म और सनातन संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती भगवान शिव की आराधना और शक्ति उपासना की प्राचीन परंपरा से समृद्ध रही है। प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में भगवान महादेव के अनेक प्राचीन और प्रसिद्ध धाम हैं। रायपुर का हटकेश्वर महादेव, कबीरधाम का भोरमदेव, राजिम का कुलेश्वर महादेव, चम्पारण का चम्पेश्वर महादेव, गरियाबंद का भूतेश्वर महादेव, सिरपुर का गंधेश्वर महादेव और जशपुर का मधेश्वर महादेव हमारी आस्था और आध्यात्मिक विरासत के प्रमुख केंद्र हैं।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के कण-कण में देवाधिदेव महादेव की कृपा है और उनके आशीर्वाद से प्रदेश निरंतर खुशहाली और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
पांच शक्तिपीठों को चारधाम की तर्ज पर विकसित करने की योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान शिव के साथ ही छत्तीसगढ़ में आदिशक्ति के अनेक पवित्र स्वरूप विराजमान हैं। राज्य सरकार धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ प्रमुख तीर्थ स्थलों के सुनियोजित विकास पर काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि सूरजपुर की कुदरगढ़ी माता, चंद्रपुर की मां चंद्रहासिनी, रतनपुर की मां महामाया, डोंगरगढ़ की मां बम्लेश्वरी और दंतेवाड़ा की मां दंतेश्वरी के शक्तिपीठों को चारधाम की तर्ज पर विकसित करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। इससे श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार होगा और छत्तीसगढ़ में धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को भी नई पहचान मिलेगी।
50 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए रामलला के दर्शन
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर मिले। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को फिर से शुरू किया गया है। इसके माध्यम से पात्र श्रद्धालुओं को देश के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा और दर्शन का अवसर मिल रहा है।
उन्होंने बताया कि श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के माध्यम से अब तक छत्तीसगढ़ के 50 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम पहुंचकर प्रभु श्रीरामलला के दर्शन कर चुके हैं।
पंडित प्रदीप मिश्रा का किया अभिनंदन
मुख्यमंत्री ने कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा का अभिनंदन करते हुए कहा कि वे शिव महापुराण कथा के माध्यम से देश-दुनिया में भगवान शिव की महिमा, सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों का संदेश जन-जन तक पहुंचा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस्पात नगरी भिलाई में लगातार तीसरी बार शिव महापुराण कथा का आयोजन होना यहां के श्रद्धालुओं की गहरी आस्था और धर्म के प्रति अनुराग को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों की ओर से पंडित प्रदीप मिश्रा का छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर स्वागत एवं अभिनंदन किया।
मुख्यमंत्री ने सात दिवसीय शिव महापुराण कथा के सफल आयोजन के लिए आयोजन समिति, सहयोगियों और सभी शिवभक्तों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन, संभागायुक्त सत्यनारायण राठौर, पुलिस महानिरीक्षक अभिषेक शांडिल्य, कलेक्टर अभिजीत सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल, आयोजन समिति के दया सिंह सहित समिति के पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।