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छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों के लिए बड़ी खबर है। इस साल धान खरीदी के लिए टोकन जारी करने की प्रक्रिया 10 नवंबर से शुरू होगी। किसान खरीदी की तारीख से 5 दिन पहले ही टोकन प्राप्त कर सकेंगे। वहीं, 15 नवंबर से 15 जनवरी तक प्रदेश में धान की खरीदी की जाएगी। खास बात यह है कि किसान दो महीने की खरीदी अवधि में अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी दिन का टोकन ले सकेंगे।
इस साल किसानों को टोकन लेने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प दिए गए हैं। किसान 'तुंहर टोकन' मोबाइल ऐप के माध्यम से घर बैठे ऑनलाइन टोकन प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए गूगल प्ले स्टोर से ऐप डाउनलोड करना होगा और सबसे पहले OTP आधारित पंजीयन करना होगा। वहीं, किसान सहकारी समितियों में जाकर भी टोकन ले सकेंगे।
70 प्रतिशत टोकन ऑनलाइन, 30 प्रतिशत समितियों से
टोकन वितरण में इस बार नई व्यवस्था लागू की गई है। प्रतिदिन खरीदी की निर्धारित सीमा का 70 प्रतिशत टोकन मोबाइल ऐप के माध्यम से और 30 प्रतिशत टोकन समितियों के जरिए जारी किए जाएंगे। ऑनलाइन टोकन में भी 80 प्रतिशत हिस्सा लघु और सीमांत किसानों के लिए तथा 20 प्रतिशत हिस्सा बड़े किसानों के लिए निर्धारित किया गया है। इससे किसानों को समितियों में टोकन के लिए लाइन लगाने से राहत मिलेगी।
जमीन के हिसाब से मिलेंगे टोकन
टोकन वितरण में किसानों की जमीन के रकबे को भी आधार बनाया गया है। दो एकड़ तक जमीन वाले लघु और सीमांत किसानों को एक टोकन मिलेगा। दो एकड़ से अधिक और 10 एकड़ तक जमीन वाले किसानों के लिए दो टोकन का प्रावधान है। वहीं, 10 एकड़ से अधिक जमीन वाले किसानों को तीन टोकन दिए जाएंगे।
धान के बदले दूसरी फसल लेने वालों को 25 हजार रुपये
कृषक उन्नति योजना के तहत धान के बदले दूसरी फसल लेने वाले किसानों के लिए भी पंजीयन की व्यवस्था की गई है। ऐसे किसानों को पहले साल 15 हजार रुपये और इसके बाद 10 हजार रुपये देने का प्रावधान है। इसके लिए कृषि विभाग ने 15 नवंबर तक पंजीयन कराने की छूट दी है। किसान अपनी समिति में जाकर पंजीयन करा सकते हैं।
धान की मात्रा कम लाने पर लागू होगा नया नियम
इस साल धान खरीदी में एक और महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। यदि किसी किसान ने 40 क्विंटल धान का टोकन लिया है, लेकिन खरीदी केंद्र में केवल 38 क्विंटल धान लेकर पहुंचता है, तो शेष 2 क्विंटल धान का रकबा अपने आप सरेंडर हो जाएगा। यह व्यवस्था दो और तीन टोकन लेने वाले किसानों पर भी लागू होगी। किसान टोकन में दर्ज मात्रा के अनुसार ही धान बेच सकेंगे।
जिले की 60 सहकारी समितियों में 73 धान खरीदी केंद्र बनाए गए हैं। पिछले साल धान बेचने के लिए जिले के 52,556 किसानों ने पंजीयन कराया था। इस साल भी खरीदी व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए नई टोकन प्रणाली लागू की जा रही है।