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रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने जनकल्याणकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और आम जनता तक उनका लाभ समय पर पहुंचाने के लिए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की पहल की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित पारस (Project Assessment, Review and Analysis System) पोर्टल की पहली राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी और पारदर्शी संचालन के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब प्रत्येक माह के अंतिम मंगलवार को पारस पोर्टल के माध्यम से राज्य स्तर पर प्रमुख योजनाओं और जनसेवाओं की समीक्षा की जाएगी।
छह प्रमुख एजेंडों पर हुई समीक्षा
बैठक में मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन 1076, सेवा सेतु, एग्रीस्टैक, विकसित भारत जी-रामजी योजना, डीबीएन वित्तपोषित मोबाइल टॉवर परियोजना और स्कूल शिक्षा विभाग से जुड़ी योजनाओं की विभागवार समीक्षा की।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तय लक्ष्यों के अनुरूप योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए और आम नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ लेने में किसी तरह की परेशानी न हो।
सीमांकन मामलों में लापरवाही पर सख्त नाराजगी
राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान सीमांकन से जुड़े लंबित मामलों पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सक्षम अधिकारियों के आदेश के बाद भी कई मामलों में समय पर सीमांकन नहीं हो रहा है, जिससे आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए कि सीमांकन के मामलों का निर्धारित समय सीमा में निराकरण किया जाए। लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
एग्रीस्टैक में किसानों का शत-प्रतिशत पंजीयन के निर्देश
मुख्यमंत्री ने एग्रीस्टैक में सभी पात्र किसानों का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि एग्रीस्टैक केवल धान खरीदी तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की आधारभूत व्यवस्था है।
उन्होंने निर्देश दिए कि जिलों में विशेष अभियान चलाकर किसानों का पंजीयन पूरा कराया जाए। किसी पात्र किसान को अधिकारी-कर्मचारी की लापरवाही से योजना के लाभ से वंचित नहीं होना चाहिए।
सीएम हेल्पलाइन से होगा समस्याओं का समाधान
मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन 1076 को प्रभावी जनसमस्या समाधान का माध्यम बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नागरिकों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
बैठक में बताया गया कि सीएम हेल्पलाइन में अब तक 1 लाख 10 हजार से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें 65 हजार से ज्यादा शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है। शिकायतकर्ताओं के फीडबैक में 55.29 प्रतिशत लोगों ने संतुष्टि व्यक्त की है।
सेवा सेतु पर आएंगी और सेवाएं
मुख्यमंत्री ने सेवा सेतु पोर्टल की समीक्षा करते हुए कहा कि वर्तमान में 27 विभागों की 721 सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि शेष सेवाओं को भी जल्द से जल्द ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाए।
उन्होंने ग्राम पंचायतों, कॉमन सर्विस सेंटर और अटल सेवा केंद्रों के माध्यम से सेवा सेतु का प्रचार-प्रसार बढ़ाने को कहा, ताकि लोगों को घर के पास ही ऑनलाइन सुविधाएं मिल सकें।
मोबाइल कनेक्टिविटी और शिक्षा योजनाओं की समीक्षा
बैठक में डीबीएन वित्तपोषित 476 मोबाइल टॉवरों की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने दूरस्थ क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।
स्कूल शिक्षा विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निःशुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण, गणवेश वितरण, सरस्वती साइकिल योजना और प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना की जानकारी ली।
उन्होंने स्कूल परिसरों में किचन गार्डन विकसित करने और सहजन, कटहल जैसे उपयोगी पौधों के रोपण को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे बच्चों को पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
सुशासन को मिलेगी नई मजबूती
मुख्यमंत्री ने कहा कि पारस पोर्टल से योजनाओं की रियल टाइम मॉनिटरिंग, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। नियमित समीक्षा से योजनाओं की कमियों को समय रहते दूर किया जा सकेगा और जनता तक सरकारी सेवाओं की पहुंच और बेहतर होगी।
बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव पी. दयानंद, राहुल भगत सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।