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बलौदा बाजार। जिले के सिमगा विकासखंड स्थित दामाखेड़ा अब अपने नए और आधिकारिक नाम “कबीर धर्म नगर दामाखेड़ा” से जाना जाएगा। राज्य शासन द्वारा राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित किए जाने के साथ ही नाम परिवर्तन की प्रक्रिया विधिवत पूरी हो गई है। इस फैसले से कबीर पंथियों की वर्षों पुरानी मांग को स्वीकृति मिल गई है, जिससे क्षेत्र में हर्ष और उत्साह का माहौल है।
यह निर्णय केवल नाम परिवर्तन तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे दामाखेड़ा की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को संवैधानिक मान्यता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है। दामाखेड़ा कबीर पंथियों का प्रमुख आस्था केंद्र रहा है और अब नए नाम के साथ इसकी धार्मिक पहचान और अधिक सशक्त होगी।
दामाखेड़ा लंबे समय से कबीर पंथ का प्रमुख धार्मिक केंद्र रहा है। यहां हर वर्ष माघ पूर्णिमा के अवसर पर विशाल संत समागम और माघी मेले का आयोजन होता है, जिसमें देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं। कबीर पंथ से जुड़े संतों, महंतों और अनुयायियों द्वारा लंबे समय से यह मांग की जा रही थी कि दामाखेड़ा की पहचान को कबीर धर्म से जोड़ा जाए।

शासन के इस निर्णय से अब कबीर धर्म नगर दामाखेड़ा न केवल धार्मिक मानचित्र पर और अधिक प्रमुखता से उभरेगा, बल्कि इससे पर्यटन, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों को भी नया प्रोत्साहन मिलेगा।
उल्लेखनीय है कि 23 फरवरी 2024 को दामाखेड़ा में आयोजित संत समागम एवं माघी मेले के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंच से दामाखेड़ा का नाम बदलकर कबीर धर्म नगर दामाखेड़ा किए जाने की घोषणा की थी। उस अवसर पर बड़ी संख्या में कबीर पंथी संत, अनुयायी और श्रद्धालु मौजूद थे। मुख्यमंत्री की इस घोषणा को धार्मिक समाज के लिए बड़ी सौगात माना गया था।
इसके बाद शासन स्तर पर प्रस्ताव को औपचारिक रूप देने की प्रक्रिया शुरू की गई, जो अब राजपत्र अधिसूचना जारी होने के साथ पूरी हो गई है।