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रायपुर। बलौदाबाजार हिंसा के बाद जेल भेजे गए लोगों की जमानत और सतनामी समाज के लोगों के साथ कथित मारपीट को लेकर सतनामी समाज के धर्मगुरु गुरु बालदास का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में गुरु बालदास ने भीम आर्मी के चक्काजाम और थाना घेराव जैसे आंदोलनों को लेकर टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रदर्शनों से कोई परिणाम नहीं निकलता, जबकि उनके स्तर से फोन जाने के बाद कार्रवाई होती है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है।
गुरु बालदास ने वीडियो में कहा कि युवाओं ने भीम आर्मी बनाई है। किसी भी घटना के बाद संगठन की ओर से थाना घेराव या चक्काजाम किया जाता है। उन्होंने कहा कि इन आंदोलनों से कोई रिजल्ट नहीं आता, लेकिन इसके बाद लोग उनकी ओर उम्मीद से देखते हैं।
उन्होंने कहा कि रिजर्व सीट से जीतकर गए गुरु खुशवंत साहेब मंत्री बने हैं, लेकिन वे कुछ बोलते नहीं हैं। गुरु बालदास के मुताबिक, उन्हें इसकी जानकारी नहीं है कि ऐसा क्यों है, लेकिन “यहां से जब फोन जाता है, तभी कार्रवाई होती है।” उन्होंने दावा किया कि इसके कई उदाहरण हैं।
बलौदाबाजार हिंसा को बताया बड़ा उदाहरण
गुरु बालदास ने अपने बयान में बलौदाबाजार हिंसा के बाद की परिस्थितियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। उनके मुताबिक, यदि उस समय उन्होंने बयान और वीडियो जारी नहीं किए होते तो समाज के बहुत से लोग अभी भी जेल में होते।
उन्होंने आरोप लगाया कि हिंसा के बाद कई लोगों के साथ मारपीट हुई। उनका दावा है कि सफेद कपड़े पहने लोगों को भी जेल भेजा जा रहा था और रास्ते में सतनामी समाज के लोगों को पकड़े जाने का डर बना हुआ था। इसके कारण समाज के लोगों के बीच दहशत का माहौल पैदा हो गया था।
गुरु बालदास ने कहा कि कार्रवाई के डर से लोग घरों से बाहर निकलने से डर रहे थे। शादी, अंतिम संस्कार, क्रियाकर्म या किसी दूसरे सामाजिक कार्यक्रम में जाने को लेकर भी लोगों में भय था। बाजार जाने पर भी लोगों को आशंका रहती थी कि पुलिस उन्हें पकड़ सकती है।
‘गलती की है तो जेल भेजिए, लेकिन मारपीट का अधिकार नहीं’
वीडियो में गुरु बालदास ने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने गलती की है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए और उसे जेल भेजा जाना चाहिए। लेकिन किसी भी व्यक्ति को उसके साथ मारपीट करने का अधिकार नहीं है।
उन्होंने दावा किया कि उस दौरान कई लोगों के शरीर पर मारपीट के निशान दिखाई दिए थे। उन्होंने कहा कि लोगों के शरीर पर चोट के निशान देखकर उन्हें पीड़ा हुई। इसी वजह से उन्होंने वीडियो जारी किया था। उनके मुताबिक, वीडियो सामने आने के बाद मारपीट बंद हुई।
CCTV और वीडियो के आधार पर कार्रवाई की मांग
गुरु बालदास ने कहा कि घटना के बाद समाज के लोगों के साथ मुख्यमंत्री से मुलाकात भी की गई थी। उन्होंने कहा कि घटना के दौरान CCTV कैमरे लगे हुए थे और लोगों ने वीडियो भी बनाए थे। ऐसे में उनका कहना है कि जिस व्यक्ति ने मारपीट, तोड़फोड़ या आगजनी की है, उसके खिलाफ उपलब्ध सबूतों के आधार पर कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसी आम व्यक्ति को केवल उसकी जाति या समाज के आधार पर गिरफ्तार करना या उसके साथ मारपीट करना उचित नहीं है। उनका कहना था कि यदि कोई व्यक्ति दोषी है तो उसकी पहचान सबूतों के आधार पर होनी चाहिए।
जेल में बंद लोगों की रिहाई के लिए प्रयास का दावा
जमानत के मुद्दे पर गुरु बालदास ने कहा कि यदि अब समाज के लोग जेल में बंद लोगों की रिहाई की मांग कर रहे हैं तो इसके लिए भी प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब लोग जेल में बंद थे, तब भी उनकी जमानत कराने के प्रयास किए गए थे और अब भी उनकी रिहाई के लिए प्रयास किया जाएगा।
इसके साथ ही उन्होंने बलौदाबाजार हिंसा के कथित मास्टरमाइंड और फरार आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि घटना को अंजाम देने वाले लोगों के साथ-साथ इसकी तैयारी करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।
‘समाज के प्रति मेरी जिम्मेदारी है’
गुरु बालदास ने अपने बयान के अंत में कहा कि समाज उनके पास आए या न आए और अपनी बात रखे या न रखे, लेकिन उनका जन्म इसी समाज में हुआ है। इसलिए समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी और दायित्व है और वे इससे पीछे नहीं हटेंगे।
गौरतलब है कि बलौदाबाजार हिंसा के बाद बड़ी संख्या में लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। अब जेल में बंद लोगों की जमानत और रिहाई का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। इसी बीच गुरु बालदास का यह वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने आंदोलन के तरीकों से लेकर पुलिस कार्रवाई, कथित मारपीट और जेल में बंद लोगों की रिहाई तक कई मुद्दों पर अपनी बात रखी है।