

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

india declares 23 jem let trf jud operatives as terrorists under uapa
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और तेज करते हुए शनिवार (4 जुलाई) को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत 23 लोगों को व्यक्तिगत रूप से आतंकवादी घोषित कर दिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार ये सभी प्रतिबंधित आतंकी संगठनों जैश-ए-मोहम्मद (JeM), लश्कर-ए-तैयबा (LeT), द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) और जमात-उद-दावा (JuD) से जुड़े हुए हैं। इस फैसले के बाद UAPA की चौथी अनुसूची में आतंकवादी घोषित व्यक्तियों की संख्या बढ़कर 80 हो गई है।
गृह मंत्रालय के मुताबिक, ये सभी व्यक्ति भारत विरोधी आतंकी गतिविधियों, जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ, आतंकियों की भर्ती, कट्टरपंथ फैलाने, टेरर फंडिंग, हथियारों की तस्करी, ड्रोन के जरिए हथियार पहुंचाने और सीमा-पार आतंकवाद को बढ़ावा देने जैसी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।
जम्मू-कश्मीर से जुड़े 11 आतंकी, अधिकांश पाकिस्तान और PoJK में छिपे
घोषित 23 आतंकियों में 11 का संबंध जम्मू-कश्मीर से है। इनमें से 7 आतंकी पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में रह रहे हैं, जबकि 4 पाकिस्तान में सक्रिय हैं।
PoJK में रहने वाले आतंकी:
मसूद इलियास कश्मीरी
मुफ्ती मोहम्मद असगर खान
हाफिज अब्दुल शकूर
अब्दुल्ला जेहादी
गुलाम फरीद
बिलाल अहमद मीर
आबिद कय्यूम लोन
पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी:
हारून रशीद गनई
नजीर अहमद गुर्जर
ओवैस फारूक मीर
मोहम्मद शाहिद फैसल (मूल रूप से बेंगलुरु निवासी, वर्तमान में रावलपिंडी)
इसके अलावा पाकिस्तान में सक्रिय अब्दुल रऊफ, हाफिज खालिद वलीद, फिरदौस अहमद भट, मौलाना सैफुल्लाह खालिद, मोहम्मद याकूब, मौलाना यूसुफ तैबी, कारी याकूब शेख, राना इफ्तिखार, वसीम नूर जट, अशफाक अहमद, मौलाना इमदाद उल्लाह मक्की और मोहम्मद मुसद्दिक को भी आतंकवादी घोषित किया गया है।
किस संगठन से जुड़े हैं ये आतंकी?
गृह मंत्रालय के अनुसार—
10 आतंकी जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े हैं।
13 आतंकी लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े हैं।
इनमें से कई TRF और जमात-उद-दावा (JuD) के लिए भी काम कर रहे थे।
सरकार का कहना है कि इन लोगों ने आतंकियों की भर्ती और प्रशिक्षण, जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ, सुरक्षा बलों और आम नागरिकों पर हमलों की साजिश, हथियार एवं विस्फोटकों की तस्करी, ड्रोन नेटवर्क के जरिए हथियार पहुंचाने, फंडिंग और आतंकी ढांचे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कौन किस भूमिका में था?
गृह मंत्रालय की सूची के अनुसार—
मसूद इलियास कश्मीरी (JeM) – आतंकी हमलों की साजिश और घुसपैठ।
मोहम्मद मुसद्दिक उर्फ डॉक्टर (JeM) – भर्ती और कट्टरपंथ फैलाना।
मुफ्ती मोहम्मद असगर खान (JeM) – वैचारिक और ऑपरेशनल समर्थन।
हाफिज अब्दुल शकूर (LeT/JuD) – फंडिंग और लॉजिस्टिक नेटवर्क।
अब्दुल्ला जेहादी (JeM) – आतंकियों की भर्ती और प्रशिक्षण।
फिरदौस अहमद भट (LeT/TRF) – जम्मू-कश्मीर में नेटवर्क संचालन।
गुलाम फरीद (LeT) – घुसपैठ और हथियारों की सप्लाई।
हारून रशीद गनई (TRF) – स्थानीय मॉड्यूल और लॉजिस्टिक सपोर्ट।
बिलाल अहमद मीर (LeT) – आतंकी गतिविधियों का समन्वय।
आबिद कय्यूम लोन (TRF) – भर्ती और मॉड्यूल संचालन।
नजीर अहमद गुर्जर (LeT) – सीमा पार घुसपैठ।
अब्दुल रऊफ (JeM) – आतंकी गतिविधियों का संचालन।
अशफाक अहमद (LeT) – हथियार और फंडिंग नेटवर्क।
हाफिज खालिद वलीद (LeT/JuD) – हाफिज सईद का करीबी सहयोगी।
मौलाना इमदाद उल्लाह मक्की (JeM) – धार्मिक कट्टरपंथ और भर्ती।
मौलाना सैफुल्लाह खालिद (JeM) – आतंकी प्रशिक्षण और प्रचार।
मोहम्मद याकूब (LeT) – ऑपरेशनल सपोर्ट।
मौलाना यूसुफ तैबी (JeM) – भर्ती और कट्टरपंथी गतिविधियां।
ओवैस फारूक (TRF) – सोशल मीडिया और भर्ती नेटवर्क।
कारी याकूब शेख (LeT) – हथियार और आतंकियों की आवाजाही।
राना इफ्तिखार (LeT) – सीमा पार आतंकी ऑपरेशन।
वसीम नूर जाट (LeT) – ड्रोन के जरिए हथियार पहुंचाने का नेटवर्क।
मोहम्मद शाहिद फैसल (TRF/LeT) – आतंकियों को लॉजिस्टिक सहायता।
TRF को बताया LeT का प्रॉक्सी संगठन
गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) कोई स्वतंत्र आतंकी संगठन नहीं है, बल्कि लश्कर-ए-तैयबा का फ्रंट और प्रॉक्सी संगठन है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, इसे पाकिस्तान समर्थित आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान छिपाने के उद्देश्य से तैयार किया गया था।
पहले से प्रतिबंधित हैं JeM और LeT
भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा को आतंकवादी संगठन घोषित कर चुका है।
JeM को भारत ने आतंकवाद-रोधी कानूनों के तहत प्रतिबंधित किया है। अमेरिका ने दिसंबर 2001 में इसे विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया था, जबकि संयुक्त राष्ट्र ने 17 अक्टूबर 2001 को इसे प्रतिबंधित सूची में शामिल किया।
LeT 2008 के मुंबई आतंकी हमलों समेत भारत में कई बड़े हमलों के लिए जिम्मेदार माना जाता है। अमेरिका ने 2001 में और संयुक्त राष्ट्र ने 2 मई 2005 को इसे आतंकवादी संगठन घोषित किया था।
आतंकवाद के खिलाफ सख्त संदेश
गृह मंत्रालय का कहना है कि UAPA के तहत इन 23 लोगों को व्यक्तिगत रूप से आतंकवादी घोषित करने का उद्देश्य आतंकवाद के पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई करना और सीमा पार से संचालित आतंकी ढांचे को कमजोर करना है। सरकार का मानना है कि आतंकियों के साथ-साथ उनके सहयोगियों, फंडिंग नेटवर्क और लॉजिस्टिक तंत्र पर भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।