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New commission to shape the global direction of AI; Mukesh Ambani and Sunil Bharti Mittal become founding members.
नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के भविष्य, उसके सुरक्षित उपयोग और वैश्विक नीतियों को दिशा देने के लिए दुनिया के प्रमुख उद्योगपतियों, तकनीकी विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं को साथ लेकर एक नई अंतरराष्ट्रीय संस्था 'एआई फॉर गुड ग्लोबल कमीशन' का गठन किया गया है। इस हाई-प्रोफाइल आयोग की पहली बैठक 7 से 10 जुलाई के बीच जिनेवा में आयोजित होने वाले 'एआई फॉर गुड ग्लोबल समिट 2026' में होगी।
इस आयोग में दुनिया के 40 प्रभावशाली सदस्य शामिल किए गए हैं। भारत की ओर से रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी और भारती एयरटेल के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल संस्थापक सदस्यों के रूप में शामिल हुए हैं। इनके अलावा लक्ष्मी मित्तल और विशाल तलवार भी इस वैश्विक पैनल का हिस्सा हैं।
कमीशन में वैश्विक तकनीकी और कॉरपोरेट जगत की कई बड़ी हस्तियां भी शामिल हैं। इनमें एनवीडिया के जेन्सेन हुआंग, माइक्रोसॉफ्ट के ब्रैड स्मिथ, अमेजन के एंडी जेसी, क्वालकॉम के क्रिस्टियानो अमोन और फाइजर के अल्बर्ट बौर्ला जैसे नाम प्रमुख हैं। यह समूह एआई के जिम्मेदार विकास, वैश्विक सहयोग और नीति निर्माण पर काम करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि मुकेश अंबानी और सुनील भारती मित्तल की मौजूदगी से एआई से जुड़े अंतरराष्ट्रीय नियमों और नीतियों के निर्माण में भारत की भूमिका पहले से अधिक मजबूत होगी। अब तक इस क्षेत्र में अमेरिका और यूरोप की कंपनियों का प्रभाव अधिक माना जाता था, लेकिन भारतीय प्रतिनिधित्व से विकासशील देशों की जरूरतों और चुनौतियों को भी बेहतर तरीके से सामने रखा जा सकेगा।
भारत ने दुनिया के सबसे सस्ते डिजिटल डेटा और मजबूत दूरसंचार नेटवर्क का मॉडल विकसित किया है। ऐसे में अंबानी और मित्तल का अनुभव यह सुनिश्चित करने में मददगार हो सकता है कि एआई तकनीक केवल विकसित देशों तक सीमित न रहे, बल्कि कम लागत वाले एआई समाधान विकासशील और गरीब देशों तक भी पहुंच सकें।
जिनेवा में आयोजित होने वाला 'एआई फॉर गुड ग्लोबल समिट 2026' दुनिया के लिए एआई से जुड़े भविष्य के रोडमैप, नैतिक मानकों और वैश्विक सहयोग की दिशा तय करने वाला अहम मंच माना जा रहा है। इस बैठक में लिए गए फैसलों का असर आने वाले वर्षों में एआई के विकास, उपयोग और नियमन पर देखने को मिल सकता है।