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kathua cisf firing leave dispute four personnel killed
कठुआ। जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के कैंप में मंगलवार शाम हुई फायरिंग की घटना से हड़कंप मच गया। हट्ट माश्का गांव स्थित सेवा-2 हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की सुरक्षा में तैनात CISF के एक हेड कांस्टेबल ने कथित तौर पर छुट्टी को लेकर हुए विवाद के बाद अपने ही साथियों पर फायरिंग कर दी। इस घटना में असिस्टेंट कमांडेंट समेत CISF के चार जवानों की मौत हो गई।
जानकारी के मुताबिक मृतकों में असिस्टेंट कमांडेंट एवं कंपनी कमांडर अंकित कुमार पांडेय, सब इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह, कांस्टेबल रफीक अहमद और कांस्टेबल संदीप कुमार शामिल हैं। घटना के बाद सुरक्षा बल और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
छुट्टी को लेकर हुआ था विवाद
पुलिस के अनुसार, आरोपी हेड कांस्टेबल अवधेश सिंह लंबे समय से छुट्टी के लिए आवेदन कर रहा था। बताया गया है कि किसी न किसी कारण से उसकी छुट्टी स्वीकृत नहीं हो पा रही थी। मंगलवार को भी छुट्टी को लेकर उसका विवाद हुआ। इसी दौरान मामला बढ़ गया और उसने गुस्से में अपनी सर्विस राइफल से फायरिंग शुरू कर दी।
बताया जा रहा है कि विवाद की शुरुआत असिस्टेंट कमांडेंट और कंपनी कमांडर अंकित कुमार पांडेय के साथ हुई थी। इसके बाद आरोपी ने कैंप में मौजूद जवानों पर गोलियां चला दीं।
AK-47 से की अंधाधुंध फायरिंग
CISF सूत्रों और पुलिस के अनुसार, अवधेश सिंह के पास AK-47 राइफल और करीब 150 राउंड गोलियां थीं। आरोप है कि उसने गुस्से में आकर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी और सामने आए लोगों को निशाना बनाया।
फायरिंग में चार जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद कैंप में अफरा-तफरी मच गई। आरोपी को बाद में पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
हिमाचल के अस्पताल में चारों ने तोड़ा दम
फायरिंग के बाद घायल असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडेय समेत चारों जवानों को तत्काल इलाज के लिए हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में स्थित NHPC अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, उनकी हालत बेहद गंभीर थी। अस्पताल में डॉक्टरों ने चारों को मृत घोषित कर दिया।
बाद में सभी के शवों को हट्ट माश्का से सटे हिमाचल प्रदेश में NHPC की दूसरी परियोजना के खैरी अस्पताल में शिफ्ट कराया गया।
2009 में CISF में भर्ती हुआ था आरोपी
पुलिस के मुताबिक आरोपी हेड कांस्टेबल अवधेश सिंह वर्ष 2009 में CISF में भर्ती हुआ था। घटना के बाद उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। शुरुआती पूछताछ में छुट्टी को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद की बात सामने आई है।
पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है कि फायरिंग की शुरुआत किस परिस्थिति में हुई और आरोपी के पास मौजूद हथियार एवं गोलियों का इस्तेमाल किस तरह हुआ।
पूरे इलाके में मचा हड़कंप
सेवा-2 हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट बेहद संवेदनशील औद्योगिक प्रतिष्ठान है और इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी CISF के जवानों पर है। ऐसे में सुरक्षा बल के कैंप के भीतर ही हुई इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
कठुआ पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना के बाद CISF और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी भी सक्रिय हो गए हैं। फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और आगे की जांच में घटना के कारणों तथा पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है।