

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

kulgam terror attack chhattisgarh workers killed cm vishnu deo sai reaction
रायपुर। जम्मू-कश्मीर के दक्षिण कश्मीर स्थित कुलगाम जिले में शुक्रवार को आतंकियों ने एक बार फिर गैर-कश्मीरी मजदूरों को निशाना बनाया। केलाम इलाके में ईंट-भट्ठे पर काम कर रहे प्रवासी मजदूरों के बीच पहुंचे आतंकियों ने पहले उनके नाम और पहचान पूछी। इसके बाद छत्तीसगढ़ के रहने वाले दो हिंदू मजदूरों को अलग कर उन पर गोलियां चला दीं। इस हमले में दोनों मजदूरों की मौत हो गई।
मृतकों की पहचान छत्तीसगढ़ निवासी 24 वर्षीय दीपक रात्रे और 28 वर्षीय भूपेंद्र के रूप में हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, आतंकियों ने इस वारदात को कुलगाम से करीब 20 किलोमीटर दूर केलाम इलाके में अंजाम दिया। हमले के दौरान आतंकियों ने 3 से 4 राउंड फायर किए और मौके से फरार हो गए।
आतंकियों ने पहचान पूछकर बनाया निशाना
जानकारी के अनुसार, घटना के समय ईंट-भट्ठे पर कई प्रवासी मजदूर मौजूद थे। आतंकियों ने पहले मजदूरों से उनकी पहचान और नाम पूछे। इसके बाद उन्होंने कथित तौर पर दोनों छत्तीसगढ़ के मजदूरों को समूह से अलग किया और गोली मार दी।
घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना सुरक्षा बलों और पुलिस को दी। सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है और आतंकियों की तलाश के लिए अभियान शुरू कर दिया गया है। वाहनों की जांच की जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जताया दुख
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कुलगाम आतंकी हमले में राज्य के दो मजदूरों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद पीड़ादायक है और राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मृतकों के परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए और उनके संपर्क में रहकर आवश्यक मदद सुनिश्चित की जाए।
आतंकी हमले में स्थानीय और पाकिस्तानी आतंकी की आशंका
जांच एजेंसियों को शुरुआती जांच में आशंका है कि इस हमले में एक स्थानीय आतंकी और पाकिस्तान से जुड़े एक आतंकी का हाथ हो सकता है। सूत्रों के अनुसार, जांच का फोकस मोहम्मद लतीफ नाम के संदिग्ध पर है।
बताया जा रहा है कि वह पिछले साल आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) में शामिल हुआ था। हालांकि इस मामले में अभी तक सुरक्षा एजेंसियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
अनंतनाग में भी हुआ था हमला
कुलगाम की इस घटना से करीब 10 दिन पहले 21 जुलाई को अनंतनाग के लाल चौक इलाके में भी आतंकी हमला हुआ था। आतंकियों ने अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों पर फायरिंग की थी।
इस हमले में हेड कॉन्स्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।
सुरक्षा बलों ने बढ़ाई निगरानी
कुलगाम हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। इलाके में तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि आतंकियों की पहचान और उन्हें पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
छत्तीसगढ़ के मजदूरों को निशाना बनाए जाने की इस घटना ने एक बार फिर कश्मीर में प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।